
युवा किसान की मौत के मामले में बड़ा एक्शन, पंजाब पुलिस ने दर्ज किया मर्डर का केस
AajTak
शुभकरण सिंह 2 साल पहले जब दिल्ली में किसान आंदोलन हुआ था तो उसमें भी किसान यूनियन की तरफ से शामिल हुआ था. भारतीय किसान एकता सिद्धपुर यूनियन से ताल्लुक रखने वाला शुभकरण सिंह बीती 13 फरवरी को दिल्ली की तरफ किसानों के साथ कूच करते हुए खनौरी बॉर्डर पर पहुंचा था.
MSP और अन्य मांगों को लेकर किसानों के प्रदर्शन के दौरान पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर शुभकरण नाम के एक युवा किसान की मौत हो गई थी. अब इस मामले में पंजाब पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस ने हत्या और अपराध के लिए उकसाने को लेकर मामला दर्ज किया है.
जानकारी के मुताबिक शुभकरण का पोस्टमार्टम पटियाला के डॉक्टर्स की टीम द्वारा किया जा रहा है. शुभकरण का शव गुरुवार सुबह पटियाला से बठिंडा में उसके गांव बल्लो पहुंचेगा, जहां उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
शुभकरण के परिवार वालों ने पंजाब सरकार के सामने मांग रखी थी कि जब तक भगवंत मान सरकार शुभकरण के हत्यारों को सजा नहीं देगी, तब तक उसका अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.
शुभकरण सिंह 2 साल पहले जब दिल्ली में किसान आंदोलन हुआ था तो उसमें भी किसान यूनियन की तरफ से शामिल हुआ था. भारतीय किसान एकता सिद्धपुर यूनियन से ताल्लुक रखने वाला शुभकरण सिंह बीती 13 फरवरी को दिल्ली की तरफ किसानों के साथ कूच करते हुए खनौरी बॉर्डर पर पहुंचा था.
कौन था शुभकरण सिंह
शुभकरण सिंह की उम्र करीब 22 साल थीं. वह दो बहनों का एकलौता भाई था, जिनके पिता चरणजीत सिंह स्कूल वैन ड्राइवर हैं और मां की पहले ही मौत हो चुकी है. शुभकरण सिंह के पास खुद की साढे 3 एकड़ जमीन है. इसके अलावा उन्होंने कुछ जानवर भी पाले हुए थे. शुभकरण के पीछे अब उसके पिता , दादी और दो बहनें हैं. एक बड़ी बहन की शादी हो चुकी है. जबकि दूसरी छोटी बहन की शादी का जिम्मा शुभकरण पर ही था.

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर दिल्ली में हलचल तेज हो गई है. कार्यकारिणी अध्यक्ष नितिन नबीन आज राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पेश करेंगे. इस मौके पर उनके बचपन के दोस्त नीरज कुमार सिन्हा ने अपनी बात साझा की है. उन्होंने बताया कि नितिन नबीन का बचपन से ही विनम्र स्वभाव रहा है और वह सभी दोस्तों को एक साथ लेकर चलते थे. उनका घर और हमारा घर अगल-बगल था और बचपन में हम लोग साथ में क्रिकेट खेलते थे. सुनिए.

2002 का वह दिन था. पश्चिम एशिया के सात देशों के सात राजदूत दिल्ली में संघ के मुख्यालय 'केशव कुंज' में केएस सुदर्शन के साथ वार्त्तालाप करने के लिए उपस्थित थे. सभी राजदूत संघ प्रमुख केएस सुदर्शन की बातें सुनने के लिए दो घंटे तक जमीन पर बैठे रहे. इस चर्चा में के एस सुदर्शन ने भारत की हजारों वर्षों की समावेशी परंपरा से मुस्लिम देशों के राजदूतों को अवगत कराया. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.

पुणे शहर में एक गंभीर सड़क हादसा उस समय हुआ जब एक नशे में धुत चालक ने तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए अपना संतुलन खो दिया. दुर्घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें वाहन सीधे सड़क किनारे लगे दुकानों से टकराता दिख रहा है. जोरदार टक्कर की वजह से दुकानों के शटर, सामान और ढांचे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. इस घटना के बाद पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया है.

रिटायर्ड एसबीआई निदेशक राजकुमार मेहता को उनका बेटा युवराज फोन करता है 'मुझे बचा लीजिए, मैं डूब जाऊंगा… मेरी कार नाले में गिर गई है.' आधे घंटे बाद पिता घटना स्थल पर पहुंचते हैं. पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ के 80 कर्मचारी मौजूद होने के बावजूद संसाधनों की कमी और जोखिम के डर के चलते कोई पानी में नहीं उतरता. निक्कमे सिस्टम और बेबस पिता के सामने ही युवराज तड़प-तड़प कर दम तोड़ देता है.









