
मोबाइल में तस्वीरें, लव स्टोरी में दरार और खूनी बना प्यार... महालक्ष्मी के कत्ल वाली रात की पूरी कहानी
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महालक्ष्मी के मोबाइल में उसकी कई और लोगों के साथ तस्वीरें थीं. इन तस्वीरों को देख कर मुक्ति रंजन का दिमाग खराब हो गया. उसने इस मामले में महालक्ष्मी से बात की और यहीं से दोनों की लव स्टोरी में दरार पड़ गई.
Mahalakshmi Murder Case Night Story: बेंगलुरु में 3 और 4 सितंबर की दरम्यानी रात को महालक्ष्मी का क़त्ल करने के बाद क़त्ल के आरोपी मुक्ति रंजन रॉय ने क्या-क्या किया? उसने क्यों और किन हालात में महालक्ष्मी की लाश के 50 से ज्यादा टुकड़े कर डाले? उस वक़्त उसके दिमाग़ में क्या चल रहा था? तो इस मामले की तफ्तीश में मर्डर वाली रात की रौंगटे खड़े करने वाली डिटेल्स सामने आई हैं. वो डिटेल, जिसका एक सिरा महालक्ष्मी के मोबाइल फोन से जुड़ता है.
महालक्ष्मी को बेहद चाहता था मुक्ति रंजन रॉय महालक्ष्मी के ज़िंदगी में बेशक कई दोस्त थे, लेकिन उसके साथ काम करने वाला मुक्ति रंजन रॉय सिर्फ और सिर्फ उसे ही चाहता था. वो महालक्ष्मी को लेकर पूरी तरह कमिटेड था. पोसेसिव था. मगर इस लव स्टोरी में सबसे अजीब और दर्दनाक ट्विस्ट तब आया, जब मुक्ति रंजय रॉय की नज़र एक रोज़ महालक्ष्मी के मोबाइल फोन पर पड़ गई.
लव स्टोरी में दरार असल में महालक्ष्मी के मोबाइल में उसकी कई और लोगों के साथ तस्वीरें थीं. इन तस्वीरों को देख कर मुक्ति रंजन का दिमाग खराब हो गया. उसने इस मामले में महालक्ष्मी से बात की और यहीं से दोनों की लव स्टोरी में दरार पड़ गई. असल में मुक्ति रंजन महालक्ष्मी से शादी करना चाहता था, उसे इसके लिए राज़ी करने में लगा था, जबकि महालक्ष्मी लगातार उसे टाल रही थी. 3 सितंबर यानी क़त्ल वाली रात भी दोनों के बीच लड़ाई की शुरुआत कुछ इन्हीं वजह से हुई. मुक्ति रंजन महालक्ष्मी के घर में मौजूद था, उसे शादी के लिए मनाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन महालक्ष्मी उसे मना कर रही थी.
महालक्ष्मी के इनकार से परेशान था मुक्ति रंजन रॉय महालक्ष्मी पहले से शादीशुदा तो थी ही, उसके पति ने उसके खिलाफ थाने में एक रिपोर्ट भी लिखवा रखी थी, जिसमें उसने बताया था कि महालक्ष्मी के अशरफ नाम के एक लड़के के साथ भी रिश्ते हैं. महालक्ष्मी की जिंदगी में आने के बाद अब मुक्ति रंजन को भी उसका ये सच पता चल चुका था और ऐसे में जब महालक्ष्मी उससे शादी के लिए इनकार कर रही थी, तो मुक्ति रंजन ने समझा कि शायद अलग-अलग लोगों से अफयेर के चलते वो उसे रिजेक्ट कर रही है. जबकि दूसरी तरफ मुक्ति रंजन ना सिर्फ महालक्ष्मी पर अपनी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा खर्च कर रहा था, बल्कि उसे महंगे तोहफे भी दिया करता था. और अब वो उसे लेकर महालक्ष्मी के इस रवैये को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था. मामले की जांच कर रही बेंगलुरु पुलिस को मुक्तिरंजन के छोटे भाई स्मृति रंजन रॉय के हवाले से ये बातें पता चली हैं.
बेहद गुस्सैल स्वभाव की थी महालक्ष्मी दरअसल, महालक्ष्मी के क़त्ल से पहले मुक्ति रंजन ने अपने भाई से अपनी निजी ज़िंदगी में चल रही इस उथल-पुथल की स्टोरी शेयर की थी. महालक्ष्मी को जानने वाले लोगों ने पुलिस को बताया है कि वो बेहद गुस्सैल स्वभाव की थी और मन मुताबिक बात नहीं होने पर लड़ने-झगड़ने पर उतारू हो जाती थी. कई बार बात मारपीट तक भी पहुंच जाती थी. और तो और महालक्ष्मी के खिलाफ पुलिस को दी गई एक शिकायत में उसके पति हेमंत दास ने भी कुछ ऐसी ही बातें बताई है.
महालक्ष्मी का गला घोंट कर किया था मर्डर पुलिस सूत्रों के मुताबिक 3 और 4 सितंबर की दरम्यानी रात को अलग-अलग लोगों से महालक्ष्मी की दोस्ती, शादी, रुपये-पैसों की लेन-देन समेत कई मसलों को लेकर महालक्ष्मी और मुक्ति रंजन के बीच लड़ाई चल रही थी. लेकिन देखते ही देखते ये लड़ाई हाथपाई तक पहुंच गई. महालक्ष्मी ने मुक्ति रंजन पर हमला कर दिया, लेकिन शरीर से तगड़े मुक्ति रंजन ने जब महालक्ष्मी पर पलटवार किया, तो फिर उसे संभलने का मौका ही नहीं मिला. इसके बाद उसने गुस्से में महालक्ष्मी का गला घोंट दिया और उसकी जान ले ली.

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