
मोदी सरकार के एक फैसले से परेशान ये 3 देश, अब लगाई गुहार!
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भारत सरकार ने 20 जुलाई को गैर-बासमती कच्चे चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. इस प्रतिबंध से चावल की वैश्विक कीमतें बढ़ गई हैं और उन देशों को काफी मुश्किल हो रही है जो चावल के लिए भारत पर निर्भर हैं. ये देश चाहते हैं कि भारत सरकार चावल निर्यात पर प्रतिबंध में उन्हें छूट दे.
चावल के सबसे बड़े निर्यातक भारत के गैर-बासमती कच्चे चावल के निर्यात पर रोक से चावल की कीमतों में भारी उछाल आया है जिससे कई देशों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दुनिया के कई देश चावल के लिए भारत पर निर्भर हैं और वो भारत से अपील कर रहे हैं कि चावल निर्यात पर लगे बैन को उनके लिए हटा लिया जाए. सिंगापुर, इंडोनेशिया और फिलीपींस ने अपने देश में चावल के बढ़ते दाम को देखते हुए भारत से अपील की है कि उनके देश में चावल निर्यात को फिर से शुरू किया जाए.
मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगापुर ने भारत से 110,000 टन चावल के लिए अनुरोध किया है. जून में, इंडोनेशिया ने अल नीनो को देखते हुए देश में खाद्य आपूर्ति बरकरार रखने के लिए भारत से 10 लाख टन चावल आयात करने की घोषणा की थी. अल नीनो के कारण मौसम का चक्र गड़बड़ हो जाता है और बाढ़, सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाएं आती हैं. वहीं, फिलीपींस भी चावल आपूर्ति के लिए भी भारत पर निर्भर है.
हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम ने अपने मानवीय कार्यों के लिए भारत से दो लाख टन चावल की मांग की थी. मामले की जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने भारत के चावल निर्यात बैन को विनाशकारी बताते हुए कहा था कि कोविड-19 महामारी और यूक्रेन युद्ध से खाद्य आपूर्ति प्रभावित हुई है और भारत के इस कदम से खाद्य आपूर्ति असुरक्षा और बढ़ेगी.
वहीं, भारत का पड़ोसी देश बांग्लादेश भी चावल सहित कुछ कृषि उत्पादों की आपूर्ति के लिए भारत के साथ बातचीत कर रहा है.
खाद्य मुद्रास्फीति को रोकने की भारत सरकार की कोशिशें
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