
मोतिहारी में लूट और हत्या को अंजाम देने वाले 4 बदमाश चढ़े पुलिस के हत्थे
AajTak
बिहार के मोतिहारी में बीते दिनों जियो मार्ट के कर्मचारी से लूटपाट कर उसकी हत्या कर दी गई थी. अब पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. चाकू के बल पर कर्मचारी को लूट कर उसे घायल कर दिया गया था. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.
बिहार के मोतिहारी में पुलिस ने एक बड़े लूटकांड और हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है. पुलिस ने इस घटना को अंजाम देने वाले चार शातिर अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है.
नगर थाना के अलग-अलग क्षेत्रों से इन आरोपियों को पकड़ गया है. इसके साथ ही पुलिस ने हत्या और लूट में इस्तेमाल चाकू, लूट की बाइक और मोबाइल को बरामद कर लिया है.
मामले की जानकारी देते हुए प्रभारी सदर पुलिस उपाधीक्षक रामपुकार सिंह ने बताया कि इसी 24 मार्च को नगर थाना क्षेत्र के चंडी माई स्थान के पास से इस गैंग ने जियो मार्ट के कर्मचारियों के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया था.
चाकू के बल पर बदमाशों ने कर्मचारी से लूटपाट की थी और इसी दौरान विरोध करने पर एक कर्मचारी को घायल भी कर दिया था. इलाज के क्रम में उस कर्मचारी की मौत हो गई थी. उसे बेहतर इलाज के लिए पटना में भर्ती कराया गया था लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी.
पुलिस ने इस मामले में शहर के नकछेद टोला और मिस्कॉट मोहल्ले में छापेमारी की जिसके बाद हत्या और लूट के आरोपी पकड़े गए. इस मामले को लेकर डीएसपी रामपुकार सिंह सदर ने बताया कि इस कांड में शामिल सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









