
मैथिली ठाकुर का अलीनगर सीट से चुनाव जीतना क्यों नहीं है आसान, ये तीन समीकरण होंगे निर्णायक?
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लोकगायिका मैथिली ठाकुर के बीजेपी में शामिल होने के बाद अब उनके दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा है. अलीनगर से बीजेपी क्यों मैथिली ठाकुर को उतार सकती है और क्यों उनकी चुनावी राह आसान नहीं होगी?
लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सदस्यता ले ली है. अब बीजेपी ने मैथिली ठाकुर को बिहार चुनाव की रणभूमि में उतार दिया है. बुधवार को पार्टी ने दूसरी लिस्ट जारी की, जिसमें मैथिली को अलीनगर से टिकट दिए जाने का ऐलान किया है.
इससे पहले मैथिली ने दो में से किसी एक सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी- मधुबन जिले की बेनीपट्टी या दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट. बीजेपी बेनीपट्टी से अपने उम्मीदवार का पहले ही ऐलान कर चुकी थी.
अब सवाल उठ रहे हैं कि बीजेपी ने मैथिली को अलीनगर से टिकट तो दे दिया, लेकिन उस सीट से लोक गायिका की चुनावी राह क्यों आसान नहीं है?
दरअसल, अलीनगर विधानसभा सीट 2020 के चुनाव में बीजेपी की गठबंधन सहयोगी रही मुकेश सहनी की अगुवाई वाली विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के हिस्से में थी. वीआईपी के टिकट पर मिश्रीलाल यादव चुनाव मैदान में उतरे और जीते थे. बाद में वह बीजेपी में शामिल हो गए थे. चुनाव से कुछ महीने पहले एक पुराने मामले में दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद मिश्रीलाल यादव की विधायकी चली गई थी.
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