
मेवात को दूसरा जामताड़ा क्यों कहा जाता है? दंगाइयों के सबसे पहले साइबर थाने को निशाना बनाने की Inside Story
AajTak
हरियाणा के नूंह जिले में पड़ने वाले मेवात इलाके में सांप्रदायिक हिंसा के बाद से हालात तनावपूर्ण हैं. मेवात वो इलाका है जो धीरे-धीरे देश का दूसरा जामताड़ा बनता जा रहा है. जामताड़ा जो साइबर क्राइम का गढ़ माना जाता है, अब वैसा ही मेवात भी बन रहा है या बन चुका है. लेकिन ये सब हुआ कैसे? कैसे युवा मेवात में बैठकर देशभर में ठगी करते हैं? जानते हैं...
हरियाणा के नूंह जिले का मेवात इलाका. यहां सोमवार यानी 31 जुलाई को दो समुदायों के बीच टकराव के बाद हिंसा भड़की. इस हिंसा में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है. पुलिस ने 176 दंगाइयों को गिरफ्तार भी किया है.
मेवात वो इलाका है जिसमें सिर्फ हरियाणा ही नहीं, बल्कि राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से भी आते हैं.
मेवात और गुरुग्राम में बहुत ज्यादा दूरी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद ये देश के सबसे पिछड़े इलाकों में से है. इसी पिछड़ेपन ने इसे देश का दूसरा 'जामताड़ा' भी बना दिया है. वही जामताड़ा जो झारखंड में आता है और जिसे साइबर क्राइम का गढ़ माना जाता है. जामताड़ा को लेकर नेटफ्लिक्स पर एक वेब सीरीज भी आ चुकी है. जामताड़ा की तरह ही मेवात के युवा भी साइबर ठगी के लिए बदनाम हैं.
इसी साल मार्च में केंद्र सरकार ने बताया था कि देश के नौ राज्यों के 32 इलाके ऐसे हैं जो साइबर क्राइम का गढ़ बन गए हैं. इनमें मेवात भी शामिल था.
मेवात किस तरह साइबर क्राइम का गढ़ बन रहा है या बन चुका है, इसे ऐसे समझ सकते हैं कि जैसे ही आप यहां पहुंचेंगे, वैसे ही जगह-जगह पर साइबर अपराध से जुड़ी चेतावनियां लिखे बैरिकेड-बैनर दिखने लगेंगे. इसके अलावा, नूंह जिले में जुरेहरा पहला पुलिस थाना पड़ता है, यहां पर भी साइबर अपराध को लेकर चेतावनी लिखी है. ताकि भोले-भाले लोग साइबर ठगों का शिकार न बन जाएं.
सबसे पहले साइबर थाने पर ही हमला क्यों?

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.

अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.

प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद के दावे पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2022 के आदेशों का हवाला दिया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.








