
'मेरे आने से पहले क्यों किया स्कूल का उद्घाटन...', विधायक ने पकड़ा सरकारी अधिकारी का कॉलर
AajTak
कृष्ण मोहन रेड्डी अपनी अनुपस्थिति में एक स्कूल की इमारत का उद्घाटन होने से भड़के हुए थे. टीआरएस विधायक नाराज थे क्योंकि उन्हें कार्यक्रम में देर से आमंत्रित किया गया था और कार्यक्रम उनके पहुंचने से पहले शुरू हो गया था. घटना मंगलवार की जोगुलम्बा गडवाल की है.
तेलंगाना के गडवाल से टीआरएस के विधायक कृष्ण मोहन रेड्डी का एक वीडियो इन दिनों वायरल हो रहा है. इसमें वे एक सरकारी अधिकारी और गुरुकल स्कूल के प्रिंसिपल वेंगल रेड्डी का गिरेबान पकड़े दिखाई पड़ रहे हैं. दरअसल कृष्ण मोहन रेड्डी अपनी अनुपस्थिति में एक स्कूल की इमारत का उद्घाटन होने से भड़के हुए थे. टीआरएस विधायक नाराज थे क्योंकि उन्हें कार्यक्रम में देर से आमंत्रित किया गया था और कार्यक्रम उनके पहुंचने से पहले शुरू हो गया था. घटना मंगलवार की जोगुलम्बा गडवाल की है. 'टीआरएस विधायक का व्यवहार सरकारी कर्मचारियों का अपमान'
तेलंगाना राज्य भाजपा के आधिकारिक प्रवक्ता एन वी सुभाष ने जनता के सामने एक सरकारी कर्मचारी का अपमान करने को लेकर गडवाल विधायक के व्यवहार की निंदा की. गडवाल के विधायक कृष्णा एम रेड्डी को उनकी अनुपस्थिति में स्कूल के उद्घाटन के संबंध में एक सरकारी कर्मचारी की कॉलर पकड़ते और अभद्र भाषा का प्रयोग करते देखा गया. उन्होंने कहा कि विधायक के लेट होने के चलते उनकी अनुपस्थिति में, जिला परिषद अध्यक्ष ने स्कूल का उद्घाटन किया था.
सुभाष ने कहा कि सत्ता पक्ष के विधायक का कृत्य सरकारी कर्मचारियों का अपमान है. विधायक कृष्णा एम रेड्डी लोगों के लिए मिसाल बनने की बजाय दूसरों की गलती से इतने नाराज हुए कि वह खुद समारोह में देरी से पहुंचे और फिर सरकारी अधिकारी का ही कॉलर पकड़ लिया. यह सत्तारूढ़ पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों, सीएम केसीआर सहित नेताओं के अहंकार को दर्शाता है जो हमेशा मानते हैं कि चूंकि वे सत्ता में हैं इसलिए वे इस राज्य में कुछ भी कर सकते हैं. उनके अंदर लोगों और लोक सेवकों सहित किसी के प्रति कोई सम्मान नहीं है. सुभाष ने कहा कि आने वाले दिनों में समय निश्चित रूप से इन नेताओं को सबक सिखाएगा.

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











