
मुफ्ती विहीन जम्मू कश्मीर विधानसभा... इल्तिजा मुफ्ती हार गईं लेकिन भी साख बचा ले गए ये सियासी परिवार
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जम्मू कश्मीर चुनाव में पीडीपी की ओर से इल्तिजा मुफ्ती की लॉन्चिंग फेल हो गई लेकिन उमर अब्दुल्ला समेत करीब दर्जनभर ऐसे नेता चुनावी वैतरणी पार कर विधानसभा पहुंचने में सफल रहे हैं, जिनका सीधा नाता सियासी खानदान से है.
जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनाव में केंद्र शासित प्रदेश के कई सियासी खानदानों की साख दांव पर थी. मुफ्ती खानदान तीसरी पीढ़ी की चुनावी लॉन्चिंग कर रहा था तो वहीं कई परिवारों की अगली पीढ़ी भी मैदान में थी. चुनाव नतीजों के बाद जब तस्वीर साफ हुई, महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा की हार के साथ ये तय हो गया कि विधानसभा मुफ्ती परिवार विहीन होगी.
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख की बेटी इल्तिजा हार गईं लेकिन अब्दुल्ला परिवार समेत कई ऐसे सियासी खानदान भी हैं जो हालिया चुनाव में अपनी साख बचा ले गए. आइए, नजर डालते हैं ऐसे ही परिवारों और नवनिर्वाचित विधायकों पर.
उमर अबदुल्ला
नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. उमर अब्दुल्ला को नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन के विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट से निर्दल उम्मीदवार इंजीनियर राशिद से करारी मात के बाद उमर के साथ ही अब्दुल्ला परिवार के सियासी भविष्य पर भी सवाल उठ रहे थे. उमर अब्दुल्ला ने दो विधानसभा सीटों, गांदरबल और बड़गाम से किस्मत आजमाई तो उसे बारामूला नतीजों का इफेक्ट बताया जा रहा था. उमर अब्दुल्ला दोनों सीट से चुनाव जीते हैं. उमर अब्दुल्ला के पिता डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला और दादा शेख अब्दुल्ला भी जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे हैं.
मियां मेहर अली
मियां मेहर अली कंगन विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर जम्म कश्मीर विधानसभा पहुंचे हैं. मियां मेहर अली, मियां अल्ताफ अहमद के बेटे हैं. मियां अल्ताफ अहमद अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से सांसद हैं. मियां अल्ताफ ने पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को हराया था.

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