
मायावती ने राजग की राष्ट्रपति प्रत्याशी मुर्मू का समर्थन कर कहा, विपक्ष ने सलाह नहीं ली
The Wire
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि यह फैसला न तो भाजपा या राजग के समर्थन में है और न ही कांग्रेस समर्थित संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के ख़िलाफ़ है. राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के चयन के समय बसपा को परामर्श से दूर रखने के लिए मायावती ने विपक्षी दलों की आलोचना भी की. उनके अलावा वाईएसआर कांग्रेस ने राष्ट्रपति पद के लिए राजग उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के समर्थन की घोषणा की है.
बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ में कहा, ‘राष्ट्रपति चुनाव के संबंध में बसपा अपना फैसला लेने के लिए आजाद है. पार्टी ने आदिवासी समाज को अपने आंदोलन का खास हिस्सा मानते हुए द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने का निर्णय लिया है.’
उन्होंने कहा, ‘हमारा यह फैसला न तो भाजपा या राजग के समर्थन में है और न ही संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के खिलाफ है. हमने अपनी पार्टी और आंदोलन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया है.’
मायावती ने कहा, ‘बसपा ने आदिवासी समाज की एक योग्य एवं कर्मठ महिला को देश की अगली राष्ट्रपति के रूप में देखने के लिए मुर्मू का समर्थन करने का फैसला किया है. हालांकि, वह बिना किसी दबाव के काम कर पाएंगी या नहीं, यह तो आने वाला समय ही बताएगा.’
बसपा सुप्रीमो ने यह भी कहा, ‘अगर कोई विरोधी पार्टी या उसके नेतृत्व वाली सरकार आदिवासियों के हित में उचित फैसला लेती है तो बसपा बिना किसी हिचक, दबाव या डर के उसका भी समर्थन करती है. फिर चाहे इसके लिए पार्टी को भारी नुकसान ही क्यों न उठाना पड़े.’

एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (एफआईए) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से उड़ानों में कम से कम 60% सीटों के चयन के लिए कोई शुल्क न लेने के फैसले को वापस लेने का आग्रह किया है. समूह का कहना है कि इस कदम से एयलाइंस को हवाई किराए बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा.

आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार जूनियर डॉक्टर की मां ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पनिहाटी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने पर सहमति दे दी है. प्रदेश भाजपा की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि भाजपा ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है, जिसमें इस सीट पर कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है.

केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि देशभर में 2017 से अब तक सीवर और सेप्टिक टैंक की ख़तरनाक सफाई के दौरान 622 सफाईकर्मियों की मौत हो चुकी है. 539 परिवारों को पूरा मुआवज़ा दिया गया, जबकि 25 परिवारों को आंशिक मुआवज़ा मिला. मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश 86 के साथ सबसे ऊपर है, इसके बाद महाराष्ट्र (82), तमिलनाडु (77), हरियाणा (76), गुजरात (73) और दिल्ली (62) का स्थान है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोटद्वार के ‘मोहम्मद’ दीपक की याचिका पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक 'संदिग्ध आरोपी' होने के नाते वह अपनी मनचाही राहत, जैसे सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ विभागीय जांच की मांग नहीं कर सकते. दीपक ने बीते महीने कोटद्वार में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग के साथ दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा की जा रही बदसलूकी का विरोध किया था.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

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