
मातोश्री के बाहर मुस्लिम समुदाय का प्रदर्शन, संजय राउत बोले- आधे क्रिमिनल थे, सुपारी कार्यक्रम चलता रहेगा
AajTak
मुंबई में मातोश्री के बाहर इन प्रदर्शनों पर शिवसेना (उद्धव गुट) के सदस्य संजय राउत ने कहा कि जो लोग मातोश्री के बाहर प्रोटेस्ट कर रहे हैं, उनमें से आधे अपराधी हैं. इन्हें एकनाथ शिंदे ने प्रोटेस्ट करने के लिए भेजा है. इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउत ने कुछ तस्वीरें भी दिखाईं और शिवसेना (यूबीटी) के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को शिंदे का आदमी बताया.
देश में इस समय वक्फ बोर्ड संशोधन बिल चर्चा का विषय बना हुआ है. मोदी सरकार ने बीते गुरुवार को वक्फ बोर्ड एक्ट में बदलाव के लिए संशोधन विधेयक को संसद में पेश किया था. इस विधेयक पर हुई डिबेट के दौरान शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद सदन से नदारद रहे थे. इसी के विरोध में मुस्लिमों ने मुंबई में उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर प्रदर्शन किया.
मातोश्री के बाहर इन प्रदर्शनों पर शिवसेना (उद्धव गुट) सांसद संजय राउत ने कहा कि जो लोग मातोश्री के बाहर प्रोटेस्ट कर रहे हैं, उनमें से आधे अपराधी हैं. इन्हें एकनाथ शिंदे ने प्रोटेस्ट करने के लिए भेजा है. राउत ने इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ तस्वीरें भी दिखाईं और शिवसेना के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को शिंदे के आदमी बताया.
संजय राउत ने कहा कि मातोश्री के बाहर सुपारी का कार्यक्रम चलता है. मुंबई में सुपारी का बहुत व्यापार चल रहा है और यह सब दिल्ली के रास्ते होता है. इस मामले में मातोश्री के बाहर जो प्रदर्शन हुआ, वहां भी ऐसे ही लोग थे. ये पैसा देकर सुपारी देकर भेजे हुए लोग थे. इस बिल को जेपीसी के पास भेजा गया है.
राउत ने कहा कि लेकिन मातोश्री के बाहर हंगामा खड़ा कर दिया गया. हंगामा करने वाले कुछ 10 से 12 लोग आए थे, जिनमें से आधे क्रिमिनल थे. इन्हें किसने भेजा? यह सुपारी किसकी थी? मैं आपको दिखाना चाहता हूं, जो 10 से 12 लोग मातोश्री के बाहर हमारे खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. वह सब मुख्यमंत्री के लोग थे. सभी के सब वर्षा (एकनाथ शिंदे आवास) में रहते हैं. उनके लोगों के साथ घूमते हैं. हमारे पास सभी के नाम और उनका पूरा रिकॉर्ड है.
उन्होंने कहा कि ये सभी लोग सुपारी गैंग के मेंबर थे, वही सुपारी गैंग जो वर्षा में बैठी है. इस सुपारी गैंग के मुखिया दिल्ली में बैठे हैं. हमारे पास सभी साक्ष्य हैं, ये जो कुछ हुआ है जनता सब देख रही है. आपका नकाब निकल गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








