
'मातृभाषा को निगल जाती है हिंदी...', उदयनिधि स्टालिन के फिर बिगड़े बोल
AajTak
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर हिंदी थोपे जाने के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने हिंदी को अन्य राज्यों की स्थानीय भाषाओं को खत्म करने वाली भाषा बताया और फिल्म 'पराशक्ति' के एक संवाद पर सेंसर बोर्ड की आपत्ति को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की.
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सोमवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिंदी भाषा को लेकर फिर विवादित बयान दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदी अपने संपर्क में आने वाली अन्य मातृभाषाओं को निगल जाती है और उनकी पहचान मिटा देती है. स्टालिन ने हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के लोग हिंदी के प्रभाव के कारण अपनी असली भाषाई पहचान खो चुके हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व में हिंदी थोपने के प्रयासों का कड़ा विरोध जारी रखने की बात कही.
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उद्धयनिधि स्टालिन ने हिंदी थोपने के खिलाफ एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि हिंदी एक ऐसी भाषा है जो अन्य राज्यों की मातृभाषाओं को 'निगल' जाती है और उनकी पहचान को मिटा देती है. उन्होंने हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां की स्थानीय भाषाएं हिंदी के प्रभाव से महत्वहीन या गैर-मौजूद हो गई हैं.
कई राज्यों में अस्त्विहीन हो चुकी है मातृभाषा
उद्धयनिधि स्टालिन ने अपने संबोधन में तर्क देते हुए कहा, 'हिंदी एक ऐसी भाषा है जो आपकी मातृभाषा को निगल जाती है. आज कई राज्यों में उनकी मातृभाषा महत्वहीन या अस्तित्वहीन हो चुकी है. उदाहरण के लिए, हरियाणा में उनकी अपनी मातृभाषा थी, लेकिन हिंदी के कारण वे अपनी भाषा की कला खो बैठे. इसी तरह बिहार की मातृभाषा बिहारी है, लेकिन हिंदी के आने से उनकी पहचान मिट गई. छत्तीसगढ़, यूपी और अन्य जगहों पर भी यही चिंताजनक पैटर्न दिखता है.'
सेंसर बोर्ड की कैंची
उन्होंने एक साधारण संवाद 'लेट द फायर रेज ऑन' (तमिल में 'थी परवट्टुम') का जिक्र करते हुए कहा कि इतना साधारण डायलॉग भी कुछ लोगों को असुरक्षित महसूस कराता है. ये टिप्पणी फिल्म 'पराशक्ति' के प्रसिद्ध डायलॉग 'थी परवट्टुम' पर सेंसर बोर्ड (CBFC) द्वारा कट लगाने के संदर्भ में की गई हैं.

दिल्ली के पालम इलाके में आज एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है. आग लगने से यहां 9 लोगों की मौत हो गई. पालम में चार मंजिला बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर कॉस्मेटिक की दुकान में आग लगी थी. आग तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई. मकान में कुल 17 लोग मौजूद थे, जिनमें से कुछ ने ऊपर से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता आग की चपेट में आने के कारण कई लोग अंदर फंस गए.

आज अली लारीजानी, उनके बेटे मोर्तेजा लारीजानी और बासिज फोर्स के कमांडर जनरल गुलामरेज़ा सुलेमानी का जनाज़ा निकाला गया. दावा है कि उनकी अंतिम विदाई देने के लिए तेहरान में 10 लाख से भी ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे और इस दौरान तेहरान के इंकलाब Square पर इस युद्ध में अब तक की सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई. इजरायल और अमेरिका यही उम्मीद कर रहे थे कि अली लारीजानी की मौत के बाद ईरान में सरकार विरोधी गुट सड़कों पर आएंगे और रिजीम चेंज के लिए नई कोशिशें शुरू होंगी. लेकिन अली लारीजानी के जनाज़े में इकट्ठा हुई इस विशाल भीड़ ने ये बता दिया कि ईरान में रिजीम चेंज करना बहुत मुश्किल काम है.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.






