
मां का चल रहा था Affair, बेटे ने किया सवाल तो गर्म लोहे से जलाया; आरोपी अरेस्ट
Zee News
महिला के पति की दो साल पहले कैंसर से मौत हो गई चुकी है, जिसके बाद उसके आशिक ने अनुष्ठान करने का ढोंग रच कर अंधविश्वास में महिला को फंसा लिया.
चेन्नई: कहा जाता है मां कभी अपने बच्चे के साथ बुरा नहीं कर सकती, लेकिन इस कथनी को तमिलनाडु (Tamil Nadu) की एक मां ने गलत साबित कर दिया है. दरअसल, कुड्डालोर (Cuddalore) जिले के एक गांव में एक मां पर उसके प्रेमी (Lover) के साथ मिलकर 12 साल के बेटे को प्रताड़ित करने का आरोप लगा है.आरोपी मां ने अपने बेटे पर गरम लोहे के पाइप से हमला किया. पड़ोस के एक शख्स ने इस मामले की जानकारी चाइल्डलाइन (Child Helpline) को दी जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ. जानकारी के मुताबिक 35 साल की मां और उसका 40 साल का प्रेमी बच्चे के साथ अक्सर मारपीट किया करते थे. एक दिन बच्चे ने जब अपनी मां से उसके प्रेमी के साथ संबंध पर सवाल किया, तो उन दोनों ने गरम लोहे के पाइप से बच्चे पर अटैक कर दिया. सूचना के बाद मौके पर चाइल्डलाइन और पुलिस की टीम पहुंच गई और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.









