
'महाराष्ट्र गद्दारों को कभी माफ नहीं करता...' उद्धव ठाकरे का फिर एकनाथ शिंदे पर हमला
AajTak
उद्धव ठाकरे से जब देवेंद्र फडणवीस से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने दो टूक कहा कि मेरी लड़ाई देवेंद्र से नहीं है. मेरी लड़ाई दिल्ली में बैठे तानाशाह से है. देवेंद्र पहले जरूर सीएम थे. सीएम के पद से हटने के बाद उन्होंने नारा दिया कि मैं वापस आऊंगा. वो वापस आए हैं लेकिन चपरासी बनकर. मैं ऐसे नेताओं को क्या जवाब दूं. वो मेरी वजह से ही पांच साल सत्ता में बैठे थे.
देश में लोकसभा चुनाव के चार चरणों के तहत वोटिंग हो चुकी है. पांचवें चरण के तहत 20 मई को वोटिंग है. सभी राजनीतिक दल चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं. इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र की राजनीति, चुनाव और विपक्षी गठबंधन पर खुलकर बात की.
इस दौरान उद्धव ठाकरे से पूछा गया कि महाराष्ट्र में अब तक के चुनाव में महाविकास अघाड़ी की क्या स्थिति है? इस पर उद्धव ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम लिए बगैर कहा कि मैं जहां-जहां जा रहा हूं, मुझे लोगों का प्यार मिल रहा है. एक बात और है कि महाराष्ट्र कभी गद्दारों को माफ नहीं करता. जिस पार्टी का निर्माण बालासाहेब ठाकरे ने किया था, उसे तोड़ने और चुराने की कोशिश करने वालों को महाराष्ट्र कभी माफ नहीं करेगा. लोगों में गुस्सा और आक्रोश हैं. इस तरह की भावना लोगों में दिखाई दे रही है.
यह पूछने पर कि सिर्फ सहानुभूति से काम नहीं चलता है. आपकी योजनाएं क्या हैं? जैसे बीजेपी के पास पीएम डायरेक्ट ट्रांसफर की योजना है, जिसके बड़े पैमाने पर लोग लाभार्थी हैं. इस पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि डायरेक्ट ट्रांसफर की योजना है ना. ईडी का नोटिस जाता है तो आदमी सीधे ट्रांसफर होता है बीजेपी में और इसका लाभार्थी होती है बीजेपी. ये है डायरेक्ट ट्रांसफर और लाभार्थी की योजना.
उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी के उम्मीदवारों की लिस्ट देखें तो मेरी जानकारी के मुताबिक, लगभग 125 लोग कांग्रेस से बीजेपी में आए हैं. सिर्फ मुंबई की ही बात करें तो 6 में से 4 जगह पर बाहर से लाए गए प्रत्याशी हैं.
मेरी लड़ाई फडणवीस से नहीं दिल्ली में बैठे तानाशाह से है
उद्धव ठाकरे से जब देवेंद्र फडणवीस से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने दो टूक कहा कि मेरी लड़ाई देवेंद्र से नहीं है. मेरी लड़ाई दिल्ली में बैठे तानाशाह से है. देवेंद्र पहले जरूर सीएम थे. सीएम के पद से हटने के बाद उन्होंने नारा दिया कि मैं वापस आऊंगा. वो वापस आए हैं लेकिन चपरासी बनकर. मैं ऐसे नेताओं को क्या जवाब दूं. वो मेरी वजह से ही पांच साल सत्ता में बैठे थे.

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











