
महंगे पेट्रोल-डीजल से मिलेगा छुटकारा! फ्लैक्स फ्यूल से चलेंगी कार; जल्द जारी होगा आदेश
Zee News
सरकार का पूरा जोर है कि किसी तरह पॉल्यूशन कम किया जाए. ऐसे में आपको महंगे पेट्रोल-डीजल से छुटकारा मिल सकता है. सरकार जल्द ही फ्लेक्स फ्यूल इंजन’ (Flex Fuel Engine in India) अनिवार्य करने जा रही है.
पुणे: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने शुक्रवार को कहा कि वह अगले तीन से चार महीनों में एक आदेश जारी करेंगे, जिसके तहत कार निर्माताओं के लिए वाहनों में ‘फ्लेक्स फ्यूल इंजन’ (Flex Fuel Engine in India) लगाना अनिवार्य कर दिया जाएगा. गडकरी ने कहा कि वह चाहते हैं कि देश स्थानीय स्तर पर उत्पादित एथेनॉल (Ethanol) को अपनाने की तरफ बढ़े और पेट्रोल और डीजल की खपत से छुटकारा मिले.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) पुणे में एक फ्लाईओवर की आधारशिला रखने के लिए आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, 'मैं अगले तीन से चार महीनों में एक आदेश जारी करने जा रहा हूं, जिसमें बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज से लेकर टाटा और महिंद्रा जैसी कार निर्माता कंपनियों को फ्लेक्स इंजन (Flex Fuel Engine) बनाने के लिए कहा जाएगा.' गडकरी ने कहा कि उन्होंने बजाज और टीवीएस कंपनियों को अपने वाहनों में फ्लेक्स इंजन लगाने के लिए कहा है और यह भी निर्देश दिया है कि जब तक वे ऐसा नहीं करते, तब तक उनसे संपर्क न करें.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










