
मनमोहन सिंह का कल निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार, विरोध में कांग्रेस-अकाली दल, 'जहां अंत्येष्टि वहीं स्मारक' की मांग
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कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं ने चर्चा की कि दिवंगत पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के लिए उनके कद के अनुसार अंतिम संस्कार और स्मारक के लिए उचित स्थान दिया जाना चाहिए. कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और मनमोहन सिंह का परिवार अंतिम संस्कार और स्मारक की जगह के लिए सरकार से बातचीत कर रहे हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का गुरुवार रात निधन हो गया. शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. सरकार की ओर से फैसला लिया गया है कि 28 दिसंबर 2024 को सुबह 11:45 बजे नई दिल्ली के निगमबोध घाट पर मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार किया जाएगा. गृह मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है. कांग्रेस ने उनके अंतिम संस्कार और स्मारक के लिए उचित स्थान की मांग की है. अब कांग्रेस के साथ अन्य दल भी सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं.
'भारत के पहले सिख प्रधानमंत्री का अपमान'
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, 'आज सुबह कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर प्रस्ताव दिया था कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार ऐसे स्थान पर किया जाए जहां उनकी विरासत का सम्मान करने के लिए एक स्मारक बनाया जा सके.'
उन्होंने कहा, 'हमारे देश के लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि भारत सरकार उनके वैश्विक कद, उत्कृष्ट उपलब्धियों के रिकॉर्ड और दशकों तक राष्ट्र की उल्लेखनीय सेवा के अनुरूप उनके अंतिम संस्कार और स्मारक के लिए कोई स्थान क्यों नहीं ढूंढ़ सकी. यह कुछ और नहीं, भारत के पहले सिख प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का जानबूझकर किया गया अपमान है.
शिरोमणि अकाली दल ने भी किया विरोध
शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने कहा, 'चौंकाने वाला और अविश्वसनीय! यह बेहद निंदनीय है कि केंद्र सरकार ने डॉ. मनमोहन सिंह जी के परिवार के उस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने उनका अंतिम संस्कार ऐसे स्थान पर करने की मांग की थी, जहां उनकी स्मृति में एक ऐतिहासिक स्मारक बनाया जा सके. वो जगह राजघाट होनी चाहिए. यह अतीत में अपनाई गई परंपरा के अनुरूप होगा.'

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