
मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने राज्य में शहरी निकाय के चुनावों पर लगाई रोक
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चुनाव प्रक्रिया में विलंब से भाजपा या कांग्रेस को कोई नुक्सान नहीं.
मध्य प्रदेश के शहरी निकाय के चुनाव अप्रैल-मई में होने वाले हैं लेकिन मध्य प्रदेश हाइकोर्ट की दो अलग-अलग पीठों के आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगाने से चुनाव में देरी हो सकती है. शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों के चुनाव एक साल से लंबित हैं. चुनाव में देरी से राज्य की दो प्रमुख पार्टियों—कांग्रेस और भाजपा—पर क्या असर पड़ सकता है? मध्य प्रदेश हाइकोर्ट की इंदौर पीठ ने 15 मार्च को नगर निगम महापौर, नगरपालिका और नगर परिषद के चेयरपर्सन और कॉर्पोरेटरों के पद का आरक्षण इस आधार पर रोक लगा दिया कि आरक्षण रोस्टर व्यवस्था का पालन नहीं किया गया. इससे पहले 12 मार्च को मध्य प्रदेश हाइकोर्ट की ग्वालियर पीठ ने भी इसी आधार पर 79 नगरपालिकाओं और दो नगर निगमों में आरक्षण प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी.More Related News

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