
मणिपुर: ASP को किडनैड कर ले गए थे 200 बंदूकधारी, पुलिस कमांडो ने अनोखे अंदाज में किया विरोध
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मणिपुर के पश्चिमी इंफाल इलाके में 200 हथियारबंद लोगों ने एक सीनियर पुलिस अधिकारी के घर पर धावा बोलते हुए उनका अपहरण कर लिया गया. हालांकि पुलिस और सुरक्षा बल ने कुछ घंटों के अंदर ही अधिकारी की सुरक्षित वापसी करवाने में कामयाबी पाई. मामले में दो व्यक्तियों की पहचान की गई है.
मणिपुर (Manipur) के इंफाल पश्चिम में मंगलवार, 27 फरवरी को 200 हथियारबंद लोगों ने एक सीनियर पुलिस अधिकारी अमित सिंह के घर पर धावा बोल दिया. अमित सिंह, इंफाल पश्चिम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) हैं. एक मैतेई निगरानी समूह अरामबाई तेंगगोल के संदिग्ध सदस्यों ने ASP के घर से उनका अपहरण कर लिया. एक पुलिस बयान के मुताबिक पुलिस और सुरक्षा बलों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया और इस संयुक्त कार्रवाई में कुछ ही घंटों के अंदर अधिकारी को सुरक्षित वापस लाया गया.
पुलिस के बयान में कहा गया है कि 200 हथियारबंद लोगों ने अधिकारी के घर हमला करते हुए अंधाधुंध गोलीबारी की और उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. मामले में दो व्यक्तियों रबिनाश मोइरंगथेम और कंगुजम भीमसेन की पहचान की गई है. पुलिस कार्रवाई के दौरान वो घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.
रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए बुलाई गई फोर्स अपरहरण की घटना मिलने के बाद इस हाई रिस्क वाले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए कुछ ही घंटों के अंदर फोर्स तैनात की गई. अपहरण किए गए एडिशनल एसपी और उनके एस्कॉर्ट को क्वाकीथेल कोन्जेंग लीकाई इलाके से बचा लिया गया. बचाव के बाद, उन्हें इलाज के लिए राज मेडिसिटी ले जाया गया.
अधिकारी के घर पर क्यों हुआ हमला? पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मोइरांगथेम के घर पर इस वजह से हमला किया गया क्योंकि उन्होंने वाहन चोरी में कथित संलिप्तता के लिए अरामबाई तेंगगोल के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया था. घटना के बाद केस दर्ज कर लिया गया है और घटना की जांच जारी है.
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पिछले कई महीनों से हिंसा जारी यह घटना इंफाल घाटी में ताजा तनाव के बीच हुई है. मणिपुर में पिछले साल 3 मई से जातीय हिंसा देखी जा रही है, जिसमें मैतेई समुदाय द्वारा अनुसूचित जनजाति (SC) का दर्जा देने की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के बाद 180 से ज्यादा लोग हताहत हुए थे.

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