
'मजबूत है चुनाव डेटा प्रणाली, इसमें कुछ गलत नहीं हो सकता', हेराफेरी के आरोपों पर बोले CEC राजीव कुमार
AajTak
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि यह चुनाव आयोग को बहुत विश्वस्त करता है कि कुछ भी त्रुटि नहीं हो सकती. उनका कहना था कि अगर कोई त्रुटि करता है तो यह प्रणाली उसे स्वीकारती नहीं है.
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बुधवार को कहा कि चुनाव डेटा प्रणाली पूरी तरह पुख्ता है जो सुनिश्चित करती है कि ‘कुछ भी गलत नहीं हो सकता.’ उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्ष की तरफ से लोकसभा और विधानसभा चुनाव में डेटा में हेराफेरी के आरोपों लगाए जा रहे हैं.
‘‘लोकसभा 2024 एटलस’’ के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि बूथ स्तर के अधिकारियों सहित लाखों अधिकारी डेटा फीड करते हैं….एक डिजाइन के तौर पर कुछ भी गलत नहीं हो सकता. अगर कुछ गलत होता है तो सिस्टम रैड फ्लैग दिखाने लगता है.
सिस्टम में त्रुटि नहीं हो सकती- राजीव कुमार कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि यह चुनाव आयोग को बहुत विश्वस्त करता है कि कुछ भी त्रुटि नहीं हो सकती. उनका कहना था कि अगर कोई त्रुटि करता है तो यह प्रणाली उसे स्वीकारती नहीं है. मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने के अलावा मतदान समाप्त होने के समय मतदान प्रतिशत में वृद्धि के संबंध में भी आरोप लगाए गए हैं.
यह भी पढ़ें: 'EVM का डेटा मिटाएं नहीं...', चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
एटलस-2024 चुनाव और चुनाव परिणामों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान करता है. चुनाव आयुक्त ने कहा कि यह दस्तावेज़ अधिकतम पारदर्शिता, पहुँच और चुनाव-संबंधी डेटा के अधिक प्रकटीकरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता के अनुरूप है. 2024 का संसदीय चुनाव सात चरणों में आयोजित किया गया था, जिसमें कुल 10.5 लाख मतदान केंद्रों पर विभिन्न चरणों के तहत 44 दिनों में वोटिंग पूरी हुई थी.

पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में खानेखाखा की खराब गुणवत्ता की शिकायत पर भारतीय रेलवे ने IRCTC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही संबंधित सर्विस प्रोवाइडर पर 50 लाख का जुर्माना लगाकर उसका कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के आदेश दिए गए हैं. रेलवे ने यात्री सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है.

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि हाफ सीजफायर' के बाद अमेरिका की बातचीत ईरान के किस Respected Leader से चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात का दावा कर रहे हैं. लेकिन आज ईरान ने पूछा है कि वो Respected Leader कौन है. और Respected Leader से बातचीत चल रही है तो पाकिस्तान के जरिये 15 शर्तों का प्रस्ताव क्यों भेजा है. उससे भी बड़ी बात ये है कि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंकते हुए सुपर पावर अमेरिका को अपनी शर्तें बता दी हैं. और कहा है कि सीजफायर छोड़ो, अब ईरान तभी रुकेगा जब अमेरिका उसकी 5 शर्तें मानेगा. इन शर्तों में ईरान ने कहा कि उसे युद्ध में हुए नुकसान का पूरा हर्जाना मिलना चाहिए. ईरान की टॉप लीडरशिप पर हमले बंद होने चाहिए, सारे प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.









