
मंत्री के फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक में हासिल कर ली नौकरी, जांच में पकड़ा गया शख्स
AajTak
राजस्थान के भरतपुर (Rajasthan Bharatpur) में सहकारिता मंत्री के फर्जी हस्ताक्षर और डिस्पैच नंबर से बैंक में नौकरी हासिल करने वाले कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि बैंक की ओर से शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है.
राजस्थान के भरतपुर में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी तरीके से सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक में नौकरी कर रहा था. गिरफ्तार किए गए इस कर्मचारी ने पूर्व की बीजेपी सरकार में सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी डिस्पैच नंबर के जरिए बैंक में चपरासी के पद पर नौकरी हासिल की थी. आरोपी कई वर्षों से नौकरी कर रहा था.
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार कर्मचारी की पहचान कुंवर सिंह निवासी गांव समराया थाना वैर के रूप में हुई है. भरतपुर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के मैनेजर हरीश मीणा ने बैंक में कार्यरत कर्मचारी कुंवर सिंह के खिलाफ मथुरा गेट थाने में फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने की शिकायत दर्ज कराई थी. इस मामले की जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी कुंवर सिंह ने तत्कालीन सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के फर्जी हस्ताक्षर किए.
फर्जी हस्ताक्षर के साथ फर्जी डिस्पैच नंबर लगाकर बैंक में नौकरी हासिल कर ली थी. मथुरा गेट थाने के सब इंस्पेक्टर राकेश शर्मा ने बताया कि बैंक की तरफ से एक शिकायत दर्ज कराई गई थी कि बैंक में कार्यरत कर्मचारी ने सहकारिता मंत्री के फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक में नौकरी पाई है. इस मामले की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. फिलहाल कार्रवाई जारी है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








