
भूख से बिलखते बच्चे, भोजन के लिए उमड़ती भीड़ और कूड़े में खाना तलाशती जिंदगियां... गाजा की ये सैटेलाइट तस्वीरें झकझोर देंगी
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गाजा की इस त्रासदी और अत्याचारों का आरोप इजरायल पर लगा है. गाजा में कई महीनों से राहत सामग्री लेकर आने वाले वाहनों की एंट्री को प्रतिबंधित किया गया है. ऐसे में कई देश गाजा में विमानों से खाना बरसा रहे हैं, जो यकीनन पर्याप्त नहीं है.
इजरायल और मिस्र की सीमा पर बसी गाजापट्टी पीड़ा में कराह रही है. पिछले कुछ महीनों से गाजा से आ रही तस्वीरें दिल झकझोर रही है. ये सिर्फ तस्वीरें नहीं बल्कि मानवीय त्रासदी के सबसे भयावह स्वरूपों में से एक है. भूख से रोते-बिलखते बच्चे और दम तोड़ती जिंदगियां इंसाफ मांग रही हैं. सैटेलाइट तस्वीरों ने इस दर्द और पीड़ा को उजागर किया है.
अमेरिकी geospatial कंपनी प्लैनेट लैब्स की ओर से जारी की गई सैटेलाइट तस्वीरों में आटे और चावल जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए उमड़ी भीड़ का पता चलता है. ये पहली तस्वीर मोराग कॉरिडोर से 200 मीटर की दूरी पर है. यह कॉरिडोर खान यूनिस और राफाह को अलग-अलग करता है. इन तस्वीरों में राहत सामग्री बांट रहे ट्रकों के ईर्द-गिर्द भारी भीड़ को देखा जा सकता है. इन सैटेलाइट तस्वीरों में उमड़ी भीड़ को चीटियों के झुंड की तरह देखा जा सकता है. इस दौरान राहत सामग्री लेने के लिए अफरा-तफरी का माहौल है. लोग भोजन के लिए उमड़ पड़े हैं.
चैरिटी डॉक्टर्स विदाउट बॉडर्स ने चेताया है कि गाजा में 25 फीसदी बच्चे और गर्भवती महिलाएं कुपोषित हैं. इजरायल पर भुखमरी को हथियार के तौर पर जानबूझकर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है और भोजन वितरण स्थानों पर मौतों की आलोचना की है.
यूनिसेफ के एक अधिकारी ने बताया कि भूख की कमी की वजह से बच्चों को कूड़े के ढेर में भोजना तलाशने पर विवश होना पड़ा है. गाजा में एक महिला ने बताया कि बच्चे मर रहे हैं, वे कंकालों में तब्दील हो रहे हैं. उनकी हड्डियां साफ गिनी जा सकती हैं. वे भूल चुके हैं कि अंडे, मीट और फूल का स्वाद कैसा होता है. रोजगार नहीं है. उनके पास जीने के लिए कुछ नहीं है. वहां जिंदगी लगभग खत्म हो चुकी है.

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