
भारत में हॉर्न की आवाजें सुनकर रूसी फैमिली का मजेदार रिएक्शन, बेटी ने वीडियो में कैद किया
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एक रूसी महिला के वीडियो में उसके माता-पिता का भारत की तेज़ हॉर्न संस्कृति से पहला सामना दिखता है, जिसने सोशल मीडिया पर संस्कृति के अंतर को लेकर चर्चा छेड़ दी.
भारत की सड़कों पर गूंजने वाले हॉर्न को लेकर अक्सर विदेशी हैरान रह जाते हैं, और ऐसा ही अनुभव एक रूसी जोड़े का भी रहा. उनकी यह पहली प्रतिक्रिया देखकर सोशल मीडिया पर लोग खूब मजे ले रहे हैं. यह वीडियो इंस्टाग्राम पर मारीना खार्बानी नाम की यूजर ने पोस्ट किया है, जो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है.
मारीना ने अपने पैरेंट्स को कार से घूमाते हुए यह पल रिकॉर्ड किया. उन्होंने कैप्शन में लिखा कि मम्मी-पापा समझने की कोशिश कर रहे थे कि हॉर्न क्यों बज रहे हैं. मैंने कहा-इंडिया में हॉर्न के लिए कोई वजह नहीं चाहिए.
वीडियो में मारीना के माता-पिता कार की पिछली सीट पर बैठे दिखाई देते हैं. ड्राइवर जैसे-जैसे गाड़ी आगे बढ़ाता है, उसके साथ हॉर्न की आवाज भी बढ़ती जाती है. यह देखकर मारीना के पिता बार-बार उत्सुकता से पूछते हैं कि इतना हॉर्न क्यों? थोड़ी देर बाद वे और उलझ जाते हैं और कहते हैं कि क्या हम उसे परेशान कर रहे हैं? वह इतना बजा क्यों रहा है? मेरी समझ से परे है.मारीना पीछे बैठी हंसती रहती हैं और अपने पैरेंट्स का यह सांस्कृतिक अनुभव एंजॉय करती हैं.
देखें वायरल वीडियो
यह छोटा-सा वीडियो इसलिए भी लोगों को इतना रिलेटेबल लगा क्योंकि भारत आने वाले लगभग हर विदेशी का यही पहला सवाल होता है.यहां हर कोई हॉर्न क्यों बजाता रहता है? जबकि कई देशों में हॉर्न सिर्फ आपात स्थिति में ही बजाया जाता है, भारत में इसका मतलब अक्सर पूरी तरह अलग होता है.
वीडियो पर आए कमेंट्स में लोगों ने बताया कि भारतीय ट्रैफिक की अपनी 'भाषा' होती है. एक यूजर ने लिखा कि यहां ट्रैफिक में विजिबिलिटी कम होती है, सड़कें भीड़भरी होती हैं और कभी भी कोई कहीं से भी निकल सकता है. ऐसे में हॉर्न बताता है कि सामने या पास में कोई है.एक अन्य ने कहा कि इंडिया में हॉर्न एक तरह का सिग्नल है कि मैं यहां हूं, ध्यान रखना.

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