
भारत में दिखने लगा युद्ध का असर: होटलों में एलपीजी संकट गहराया, गैस शवदाह गृह अस्थायी तौर पर बंद
The Wire
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल के हमले के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर दिखने लगा है. कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी में देरी हो रही है, जबकि व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई है. पुणे नगर निगम ने एलपीजी की संभावित कमी को देखते हुए शहर के सभी 22 गैस आधारित शवदाह गृह अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं.
नई दिल्ली: अमेरिका और इज़रायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर शुरू किए गए सैन्य हमलों के बाद पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है. अंतरराष्ट्रीय ईंधन आपूर्ति में बाधा और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण देश के कई हिस्सों में एलपीजी (रसोई गैस) की उपलब्धता प्रभावित हो रही है.
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घरेलू एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता देने के लिए सरकार और तेल कंपनियों ने व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया है. इससे होटल, रेस्तरां, उद्योग और अन्य संस्थानों पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
शहरों में एलपीजी की कमी, बुकिंग के बाद लंबा इंतजार
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में रसोई गैस की कमी देखने को मिल रही है और सिलेंडर बुक करने के बाद दो से आठ दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. सोमवार सुबह से ही कई इलाकों में घबराहट के चलते सिलेंडर बुकिंग अचानक बढ़ गई.
रिपोर्ट के अनुसार जिन परिवारों के पास दो सिलेंडर हैं, वे भी जल्दबाजी में गैस एजेंसियों के पास बुकिंग कराने पहुंच रहे हैं.
डीलरों के मुताबिक व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग बंद हो चुकी है. इससे होटल और रेस्तरां जैसे व्यवसाय संकट की स्थिति में पहुंच सकते हैं. कुछ डीलरों ने आशंका जताई कि ऐसे संस्थान मजबूरी में घरेलू सिलेंडर काले बाजार से खरीदने की कोशिश कर सकते हैं, जो अवैध और खतरनाक दोनों है.

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

ईरान संघर्ष के बीच कंटेनर जहाजों की कमी के कारण कच्चे माल की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते भारत में दवाओं के दाम तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि जहाजों की कमी के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीन भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने ‘प्रेस नोट 3’ के जरिए भारत के साथ स्थल सीमा साझा करने वाले देशों, मुख्य रूप से चीन पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेने का फैसला किया है. यह नियम इन देशों से आने वाले स्वत: निवेश पर रोक लगाता था. विपक्षी दलों ने इस निर्णय को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते मार्च 2026 की शुरुआत से विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ), जो किसी एयरलाइन की परिचालन लागत का लगभग 40% हिस्सा होता है, की आपूर्ति में रुकावटों के कारण क़ीमतों में काफी वृद्धि हुई है, जिसके चलते एयर इंडिया समूह ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर चरणबद्ध तरीके से फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया है.

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच भारत के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडरों को लेकर चिंता बढ़ गई है. कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. हालांकि सरकार ने देश में गैस की कमी से इनकार किया है. अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति घबराहट में बढ़ी बुकिंग और वितरण बाधाओं से बनी है.

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में बताया कि जून 2024 से अब तक राज्य में 54 सांप्रदायिक दंगे और सात मॉब लिंचिंग की घटनाएं दर्ज की गई हैं. सबसे अधिक 24 सांप्रदायिक दंगे बालासोर ज़िले में दर्ज किए गए, जबकि 16 मामले खुर्दा ज़िले में सामने आए. हालांकि इन मामलों में 50 प्रतिशत से भी कम मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया गया है.

दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली पर मुस्लिम महिला पर गुब्बारा फेंकने को लेकर हुए विवाद में 26 वर्षीय तरुण की हत्या के बाद रविवार को एमसीडी ने मुख्य आरोपियों के घर के कुछ हिस्से को अतिक्रमण बताते हुए ढहा दिया. वहीं आरोपी परिवार का कहना है कि हत्या उन्होंने नहीं की है. तरुण का परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं आरोपी परिवार की एक सदस्य का कहना है कि पड़ोसियों की लड़ाई को धर्म की लड़ाई बना दिया गया है.





