
भारत की धरती पर पहुंचकर इमोशनल हुए 17 युवा, लीबिया जेल में थे बंद, ट्रैवेल एजेंट्स ने किया था धोखा
Zee News
नई दिल्ली. लीबिया की त्रिपोली जेल से पिछले महीने छोड़े गए 17 भारतीय युवा रविवार रात को भारत वापस लौट आए. स्वदेश पहुंचने के बाद परिवार से मिलते ही ये सभी युवा बेहद इमोशनल हो गए. बीते 6 महीने से ये सभी लीबिया में ही थे और धोखेबाज ट्रैवेल एजेंट्स का शिकार हो गए थे.
नई दिल्ली. लीबिया की त्रिपोली जेल से पिछले महीने छोड़े गए 17 भारतीय युवा रविवार रात को भारत वापस लौट आए. स्वदेश पहुंचने के बाद परिवार से मिलते ही ये सभी युवा बेहद इमोशनल हो गए. बीते 6 महीने से ये सभी लीबिया में ही थे और धोखेबाज ट्रैवेल एजेंट्स का शिकार हो गए थे. ट्रैवेल एजेंट्स द्वारा इन युवाओं को इटली भेजे जाने का वादा किया गया था. लेकिन ये बीच में ही फंस गए. ज्यादातर युवा पंजाब और हरियाणा के रहने वाले हैं. VIDEO | 17 Indian youths, mostly from Punjab and Haryana, who were released from Tripoli Jail in Libya last month, returned to Delhi on Sunday night. They were in Libya for the past six months because of unscrupulous travel agents who duped them on the pretext of sending them to…
— Press Trust of India (@PTI_News)

Afanasy Nikitin India: इतिहास के पन्नों को पलटते हैं, तो हमें मालूम चलता है कि 1498 में वास्को-डी-गामा ने भारत के समुद्री रास्ते की खोज की थी. लेकिन सच तो यह है कि उससे करीब तीन दशक पहले, 1469 में एक रूसी व्यापारी अफनासी निकितिन महाराष्ट्र के तट पर कदम रख चुका था. बिना किसी सेना और बिना किसी बड़े जहाज के, निकितिन ने अकेले ही तीन समुद्रों को पार किया और भारत की संस्कृति को अपनी डायरी में समेट लिया.

Ajit Pawar plane crash: बारामती एयरपोर्ट पर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार जिस विमान में सवार थे, वह देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया. जिस Bombardier Learjet 45XR को आसमान का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता था, वही आज मातम का सबब बन गया. इस विमान का इतिहास और इसकी तकनीकी खूबियां अब जांच के दायरे में हैं.

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.







