
'भाई आर्मी में गया, उरी अटैक हुआ... मोमेंट ने ट्रिगर किया' IAS दिव्या की कहानी
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IAS दिव्या मिश्रा (IAS Divya Mishra) ने अपने भाई को आर्मी में जाते देख सिविल सर्विस जॉइन करने का इरादा किया. हालांकि, उनकी शुरू से इच्छा थी मगर इसी बीच हुए उरी आतंकवादी हमले ने उनके इरादे को और पक्का कर दिया. IAS Divya Mishra का कहना है कि वह इस भी देश सेवा करना चाहती थीं.
हर साल लाखों छात्र सिविल सर्विसेज के लिए एग्जाम (UPSC Exam) देते हैं लेकिन इस एग्जाम की कसौटी पर कुछ सौ छात्र ही खरे उतर पाते हैं. आज हम आपको ऐसी ही एक छात्रा के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से इस कठिन एग्जाम को क्लियर किया है. साथ ही यह भी बताएंगे कैसे इंडियन आर्मी (Indian Army) और उरी हमले (Uri Attack) ने उन्हें आईएएस (IAS) बनने के लिए प्रेरित किया.
दरअसल, हम बात कर रहे हैं IAS Divya Mishra की, जिन्होंने अपने भाई को आर्मी में जाते देख सिविल सर्विस जॉइन करने का इरादा किया. हालांकि, उनकी शुरू से इच्छा थी मगर इसी बीच हुए उरी आतंकवादी हमले ने उनके इरादे को और पक्का कर दिया.
हाल ही में एक इंटरव्यू में IAS दिव्या सिविल सर्विसेज में आने के सवाल पर कहती हैं- मेरे भाई का इंडियन आर्मी में सेलेक्शन हो गया. अभी वो लेफ्टिनेंट के पद पर हैं. मेरे पूरे परिवार से कोई भी डिफेंस फोर्सेज में नहीं गया. ऐसे में भाई के जाने के बाद एक अलग अनुभव हुआ. इसी बीच उरी हमला हो गया. इसने मेरे अंदर अलग लेवल का इमोशन पैदा किया और सिविल सर्विस में जाने के लिए प्रेरित किया. क्योंकि मैं भी अपने तरीके से देश की सेवा करना चाहती थी.
कौन हैं दिव्या मिश्रा?
बता दें कि दिव्या मूलरूप से कानपुर की रहने वाली हैं. उनके माता-पिता टीचर हैं. घर में पढ़ाई-लिखाई का महौल रहा है. दिव्या ने अपनी शुरुआती पढ़ाई उन्नाव जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय से की है. इसके बाद उन्होंने बीटेक किया और 3 साल एक कंपनी में जॉब की. इसके साथ ही उन्होंने IIM से PhD भी किया है. पढ़ाई में वो हमेशा टॉपर रही हैं.

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