
ब्लैक फंगस के बाद अब Aspergillosis Infection का खतरा, गुजरात में मिले 8 मरीज
Zee News
डॉक्टरों के मुताबिक फंगल इंफेक्शन के इतने ज्यादा मामले इसलिए सामने आ रहे हैं क्योंकि मरीजों के इलाज के लिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया जा रहा है. साथ ही ऑक्सिजन सप्लाई को हाइड्रेट करने के लिए नॉन स्टराइल वॉटर का यूज भी इसका एक करण हो सकता है.
नई दिल्ली: देशभर में ब्लैक फंगस, व्हाइट फंगस और येलो फंगस के बढ़ते मामलों के बीच एक नए तरह के फंगस ने लोगों को डरा दिया है. गुजरात के वडोदरा में ब्लैक फंगस के 262 मरीजों का इलाज चल रहा है. अब इनके साथ-साथ शहर में एक और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ रहा है जिसका नाम है एस्परगिलोसिस (Nasal Aspergillosis). इसका संक्रमण साइनस में होता है. इस नई बीमारी से डॉक्टर भी हैरान हैं. जानकारी के मुताबिक, ये इंफेक्शन कोरोना मरीजों या कोरोना से ठीक हो चुके लोगों को हो रहा है. वडोदरा के SSG अस्पताल में इस नए फंगल इंफेक्शन के 8 मरीज मिले हैं जो पिछले हफ्ते भर्ती हुए थे. शहर और जिला प्रशासन के लिए कोविड -19 के सलाहकार डॉ शीतल मिस्त्री ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, 'पलमोनरी एस्परगिलोसिस आमतौर पर इम्यूनो-कॉम्प्रोमाइज्ड रोगियों में देखा जाता है, लेकिन साइनस का एस्परगिलोसिस रेयर है. ये बीमारी अब उन मरीजों में देखने को मिल रही है जो कोविड से ठीक हो गए हैं या उनका इलाज चल रहा है. हालांकि एस्परगिलोसिस ब्लैक फंगस (म्यूकोर्मिकोसिस) जितना खतरनाक नहीं है.'
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










