
ब्रिटेन में सात शिशुओं की जान लेने वाली नर्स दोषी करार, नोट में लिखा- मैं शैतान हूं
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उत्तरी इंग्लैंड के एक अस्पताल में कार्यरत एक ब्रिटिश मूल की नर्स को सात शिशुओं की हत्या में दोषी करार दिया गया है. नर्स ने अपने नोट में लिखा कि वह शैतान है. 33 वर्षीय लेटबी को मैनचेस्टर क्राउन कोर्ट की जूरी द्वारा सात शिशुओं की हत्या का दोषी पाया गया और छह अन्य शिशुओं से की हत्या के प्रयास के सात मामलों में भी दोषी पाया गया. उसे सोमवार को सजा सुनाई जाएगी.
उत्तरी इंग्लैंड के एक अस्पताल से दिल दहलाने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां अस्पताल में कार्यरत एक ब्रिटिश मूल की नर्स को सात शिशुओं की हत्या में दोषी करार दिया गया है. ब्रिटेन में जन्मे भारतीय मूल के सलाहकार बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि जयराम उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने ब्रिटेन की एक अदालत द्वारा शुक्रवार को नवजातों की हत्या की आरोपी नर्स को दोषी ठहराने में मदद की. दोषी नर्स की पहचान लुसी लेटबी के तौर पर हुई है.
छानबीन में मिले नोट्स- लिखा था 'मैं शैतान हूं' 33 साल की नर्स ने बच्चों को जिस भयावह तरीके से मारा, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उसने बच्चों के खून में हवा और इंसुलिन इंजेक्ट की. बच्चों को मारने के लिए उन्हें ज़बरदस्ती अत्यधिक मात्रा में दूध या तरल पिलाया, ताकि उनकी मौत हो जाए. पुलिस ने आरोपी के घर की छानबीन की तो ऐसे नोट्स मिले, जिन पर लिखा था कि वह शैतान है. नर्स की भयावह मानसिकता के साक्ष्य के तौर हाथ से लिखे ये नोट्स भी अदालत में प्रस्तुत किए गए.
2015 में उठा था मामला बरामद हुए नोट्स में ऐसा भी लिखा था कि 'मैंने उन्हें जानबूझकर मार डाला क्योंकि मैं उनकी देखभाल करने लायक नहीं हूं, "मैं बुरी हूं, मैंने यह किया"; और "आज आपका जन्मदिन है और आप यहां नहीं हैं और मुझे इसके लिए बहुत खेद है.' नर्स के इस कृत्य का मामला पहली बार 2015 में उठा था, जब उस साल तीन बच्चों की मौत हो गई थी. आखिरकार, अप्रैल 2017 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ट्रस्ट ने डॉक्टरों को एक पुलिस अधिकारी से मिलने की मंजूरी दे दी और फिर मामले की जांच आगे बढ़ी. ऐसे सामने आया मामला चेस्टर में काउंटेस ऑफ चेस्टर अस्पताल के डॉ. रवि जयराम ने कहा कि अगर नर्स लुसी लेटबी पर पहले ध्यान दिया गया होता और पुलिस को जल्द ही सतर्क कर दिया गया होता तो हम शायद कुछ शिशुओं की जान बचा सकते थे. 33 वर्षीय लेटबी को मैनचेस्टर क्राउन कोर्ट की जूरी द्वारा सात नवजात शिशुओं की हत्या का दोषी पाया गया और छह अन्य शिशुओं से संबंधित हत्या के प्रयास के सात मामलों में भी दोषी पाया गया. उसे सोमवार को इसी अदालत में सजा सुनाई जाएगी. डॉ. जयराम ने फैसले के बाद एक टीवी साक्षात्कार में 'आईटीवी न्यूज' को बताया, ''मैं वास्तव में मानता हूं कि चार या पांच बच्चे ऐसे हैं जो अब स्कूल जा सकते हैं, लेकिन नहीं जा रहे हैं.''
उन्होंने चैनल को बताया कि जून 2015 में तीन शिशुओं की मृत्यु के बाद सलाहकारों ने पहली बार चिंता जताई थी. जैसे ही बच्चों के बीमार होने और उनके मरने की संख्या में इजाफा हुआ तो वरिष्ठ चिकित्सकों ने लेटबी के बारे में अपनी चिंताओं को सामने रखा और अस्पताल के अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं थीं. नर्स को शुक्रवार को दोषी करार दिया गया है और अब उसे सोमवार को सजा सुनाई जाएगी.

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