
ब्रिटिश शाही घराने की बहू केट मिडलटन के मेडिकल रिकॉर्ड से हुई छेड़छाड़? केंसिंग्टन पैलेस ने दिया जवाब
AajTak
ब्रिटिश शाही घराने की बहू केट मिडलटन की मेडिकल रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की खबर सामने आई है. उनके मेडिकल रिपोर्ट को लीक करने की कोशिश की गई. जनवरी महीने में केट की पेट की सर्जरी हुई थी. ये सर्जरी सेंट्रल लंदन के अस्पताल में हुई थी. आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने अवैध रूप से उनके निजी मेडिकल रिकॉर्ड तक पहुंचने की कोशिश की.
ब्रिटिश शाही घराने की बहू केट मिडलटन की मेडिकल रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की खबर सामने आई है. उनके मेडिकल रिपोर्ट को लीक करने की कोशिश की गई. जनवरी महीने में केट की पेट की सर्जरी हुई थी. ये सर्जरी सेंट्रल लंदन के अस्पताल में हुई थी. आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने अवैध रूप से उनके निजी मेडिकल रिकॉर्ड तक पहुंचने की कोशिश की. एक ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है. ब्रिटेन के सूचना निगरानी संस्था ने रिपोर्टों के आधार पर कथित घटना की जांच शुरू कर दी है. खबरों के मुताबिक, यह घटना कथित तौर पर लंदन क्लिनिक में हुई, जो लंदन के सेंट्रल एरिया में स्थित है.
द मिरर की रिपोर्टों के अनुसार, अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा केट की गोपनीय मेडिकल रिपोर्ट को देखने की कोशिश की गई थी. सूचना आयुक्त कार्यालय (ICO) के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि हमें अस्पताल नियमों के उल्लंघन की एक रिपोर्ट मिली है और हम दिए गए डिटेल के बारे में जांच कर रहे हैं.
यह भी पढ़ें: Britain: शाही जोड़े के इस फैसले से छिड़ा विवाद! अचानक लंदन छोड़ रहे प्रिंस विलियम और केट मिडलटन
राजकुमारी के आधिकारिक निवास से किया गया संपर्क द मिरर के अनुसार, लंदन क्लिनिक ने कथित तौर पर गोपनीयता के उल्लंघन के बारे में सूचित करने के लिए वेल्स के राजकुमार और राजकुमारी के आधिकारिक निवास केंसिंग्टन पैलेस से संपर्क किया. पूछताछ में केंसिंग्टन पैलेस ने कहा कि यह मामला लंदन क्लिनिक से जुड़ा है. लंदन क्लिनिक ने अब तक इन आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया है. लेकिन क्लिनिक का कहना है कि रोगी की गोपनीयता के प्रति वह गंभीर है और ऐसी किसी भी मरीज की गोपनीय जानकारी लीक नहीं होनी चाहिए.
केट मिडलटन को घटना के बारे में बताया गया अस्पताल के एक अधिकारी ने द मिरर को बताया कि हम अपने सभी मरीजों के लिए गोपनीयता बनाए रखने में दृढ़ता से विश्वास करते हैं. द मिरर ने कहा कि केट मिडलटन को इस घटना के बारे में बताया गया था. केट मिडलटन के साथ ऐसी ही एक घटना 2012 में हुई थी, जब एक कॉल की वजह से केट मिडलटन की मेडिकल रिपोर्ट का अनधिकृत खुलासा हुआ था. केट तब बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती थीं.
फिलहाल स्वस्थ हैं केट 16 जनवरी को हुई पेट की सर्जरी के बारे में केट मिडलटन के स्वास्थ्य के बारे में चल रही अटकलों पर केंसिंग्टन पैलेस ने अपडेट दिया है. केंसिंग्टन पैलेस ने कहा है कि राजकुमारी स्वस्थ हो रही हैं. हाल ही में एक तस्वीर सामने आई थी जिसमें विंडसर के पास एक स्थानीय दुकान पर केट मिडलटन को प्रिंस विलियम के साथ खरीदारी करते हुए देखा गया था.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.







