
ब्यूटी, ब्लैकमेलिंग और मॉडल का मर्डर... 3 दिन बाद भी अनसुलझे हैं दिव्या पाहुजा के कत्ल के ये राज
AajTak
इन दिनों दिव्या पाहुजा गुरुग्राम के होटेलियर अभिजीत सिंह के साथ रिलेशनशिप में थी. इल्जाम है कि दिव्या उससे रुपये वसूला करती थी और हाल के दिनों में उसकी मांग कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी. जिसके चलते अभिजीत परेशान रहता था.
Model Divya Pahuja Murder Mystery: हरियाणा के गैंगस्टर संदीप गाड़ोली की गर्लफ्रेंड रह चुकी दिव्या पाहुजा की मर्डर मिस्ट्री ने एक बार फिर से आरुषि हत्याकांड की यादें ताजा कर दी हैं. गुरुग्राम पुलिस को दिव्या के कत्ल के महज 4 घंटे बाद यानी 2 जनवरी की रात 9 बजे ये पता चल चुका था कि होटल सिटी प्वाइंट में उसकी हत्या हो चुकी है. पुलिस वहां पहुंची भी और उसने होटल की तलाशी भी ली. मगर जब लाश नहीं मिली, तो वहां से फौरन वापस भी लौट गई. फिर वही पुलिस जब 8 घंटे बाद दिव्या की लाश को ढूंढती हुई, दोबारा उसी होटल में पहुंची, तो लाश गायब हो चुकी थी. असल में पुलिस रूम नंबर 114 में दिव्या की लाश ढूंढ रही थी और जबकि लाश रूम नंबर 111 में पड़ी थी.
अभिजीत ने गुस्से में चलाई थी गोली इन दिनों दिव्या पाहुजा गुरुग्राम के होटेलियर अभिजीत सिंह के साथ रिलेशनशिप में थी. इल्जाम है कि दिव्या उससे रुपये वसूला करती थी और हाल के दिनों में उसकी मांग कुछ ज्यादा ही बढ़ गई थी. जिसके चलते अभिजीत परेशान रहता था. असल में अभिजीत की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें दिव्या के पास थीं और दिव्या इन्हीं तस्वीरों से उसे ब्लैकमेल रही थी. 2 जनवरी को अभिजीत दिव्या को होटल में इसीलिए लेकर गया था, ताकि वो उससे बात कर सके और उसे वो तस्वीरें डिलीट करा सके, लेकिन दिव्या नहीं मानी, जिसके बाद दोनों में लड़ाई हो गई और अभिजीत ने गुस्से में गोली चला दी.
होटल से ही पुलिस को मिली थी कॉल गोली जाकर दिव्या को लगी और वो इस दुनिया से विदा हो गई. ये सब हुआ होटल के कमरा नंबर 111 में. कहानी में ट्विस्ट ये है कि इस वारदात के बाद अभिजीत के होटल सिटी प्वाइंट को लीज पर लेकर चलाने वाले अनूप ने खुद फोन कर पुलिस को होटल के कमरा नंबर 114 में एक लड़की की लाश पड़ी होने की खबर दी, क्योंकि यही वो रूम था, जो होटल का मालिक होने के नाते हमेशा अभिजीत के लिए बुक रहता था.
पुलिस की बड़ी लापरवाही मगर हद देखिए कि गुरुग्राम पुलिस की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम यहां पहुंची, उसने कमरा नंबर 114 को चेक किया. लेकिन जब वहां कोई लाश नहीं मिली तो वो बैरंग वापस लौट गई. इसके बाद जब वही पुलिस दिव्या के घरवालों की शिकायत पर करीब 8 घंटे बाद दोबारा उसी होटल में पहुंची सीसीटीवी कैमरा चेक किया, तब उसे ना सिर्फ लाश निपटाए जाने की बात पता चल गई, बल्कि ये भी पता चल गया कि कत्ल कमरा नंबर 114 नहीं बल्कि कमरा नंबर 111 में हुआ था.
कत्ल के बाद होटल में मौजूद था कातिल यानी पुलिस जिस कातिल को ढूंढ रही थी, वो पहली चेकिंग के दौरान कत्ल वाली जगह पर यानी होटल में ही मौजूद था. और लड़की की लाश महज तीन कमरों के फासले पर पड़ी थी. मगर पुलिस बेखबर रह गई. इस बीच रात 11 बजे के आस-पास अभिजीत ने अपने गुर्गों की मदद ले दिव्या की लाश ठिकाने लगवा दी और पुलिस को पता भी नहीं चला.
कार में रखवा दी थी लाश पुलिस की मानें तो इस हत्या के बाद अभिजीत ने पहले होटल के दो मुलाजिमों की मदद से लाश कमरे से बाहर निकलवाई. और रात के अंधेरे में ही होटल के बाहर खड़ी अपनी बीएमडब्लू कार में रखवा दी. उसने लाश रखते हुए बीएमडब्ल्यू कार ना दिखे, इसलिए बाहर की लाइटें भी ऑफ करा दीं, लेकिन उसे होटल के सीसीटीवी कैमरों का ख्याल नहीं रहा. या फिर यूं कहें कि वो होटल का मालिक तो है, लेकिन चूंकि होटल इस वक्त लीज पर है, उसकी मनमानी नहीं चली.

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











