
'बेरोजगारी चरम पर, सरकार आंकड़ों में कर रही हेर-फेर...', बोले- सीताराम येचुरी
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सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि, बेरोजगारी चरम पर है. यह सरकार आंकड़ों में काफी हेराफेरी कर रही है. और अब उन्होंने अवैतनिक श्रम के रोजगार के लिए नयी श्रेणी जोड़ी है. उन्होंने कहा, जहां तक उद्योग का सवाल है, घरेलू मांग की कमी के कारण यह बढ़ने में असमर्थ है. लोगों के पास पैसा या क्रय शक्ति नहीं है.
सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि, सरकार आंकड़ों में काफी हेराफेरी कर रही है. लोगों के पास क्रय शक्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि, आजीविका के लिहाज से पिछले 10 साल सबसे खराब हैं. इससे पहले सीपीआई (एम) नेता राममंदिर को लेकर अपना दृष्टिकोण बताया था, उन्होंने मंदिर के उद्घाटन आयोजन में जाने से इन्कार किया है. येचुरी 22 जनवरी को अयोध्या नहीं जाएंगे.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम) नेता येचुरी ने अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक समारोह में शामिल होने के निमंत्रण को यह कहते हुए ठुकरा दिया है कि धर्म एक व्यक्तिगत पसंद है और इसे राजनीतिक लाभ का साधन नहीं बनाया जा सकता. अब उन्होंने, भाजपा के ‘जीवंत अर्थव्यवस्था के दावे को खारिज कर दिया और इसे प्रचार करार दिया. उन्होंने कहा, जहां तक लोगों की बात है, आजीविका के लिहाज से पिछले 10 साल सबसे खराब हैं.
उन्होंने कहा कि, बेरोजगारी चरम पर है. यह सरकार आंकड़ों में काफी हेराफेरी कर रही है. और अब उन्होंने अवैतनिक श्रम के रोजगार के लिए नयी श्रेणी जोड़ी है. उन्होंने कहा, जहां तक उद्योग का सवाल है, घरेलू मांग की कमी के कारण यह बढ़ने में असमर्थ है. लोगों के पास पैसा या क्रय शक्ति नहीं है. ज्यादातर भारतीय लोगों के लिए, उनकी वास्तविक क्रय शक्ति घट रही है. जब कोई मांग नहीं है तो कोई भविष्य का निवेश नहीं है.
सीताराम येचुरी ने कहा कि, 'मंदिर का उद्घाटन खुले तौर पर धर्म के राजनीतिकरण को दर्शाता है, जो संविधान के सिद्धांतों के विपरीत है. येचुरी ने कहा, “यहां, भारत के प्रधानमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और संवैधानिक पदों पर बैठे अन्य लोगों की उपस्थिति में इस समारोह का उद्घाटन किया जायेगा.माकपा नेता ने कहा कि इस राजनीतिकरण का मुकाबला करने की रणनीति धर्मनिरपेक्षता का सख्ती से पालन है.

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