
बेटे की मौत, काटने पड़े दोनों हाथ और पैर... लेकिन नहीं टूटी हिम्मत, धारा की ये कहानी एक मिसाल है!
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ये धारा शाह हैं, जिन्होंने जिंदगी में तमाम गमों के पहाड़ों को अपने हौसले से पार कर लिया. उन्होंने वो दिन देखे, जिनकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता. आज उनकी कहनी दुनिया के लिए एक प्रेरणा है.
'लोग जिस हाल में मरने की दुआ करते हैं, मैं ने उस हाल में जीने की क़सम खाई है', अमीर कजलबाश के इस शेर को जीवन में हिम्मत के तौर पर देखा जाता है. कितनी भी मुश्किल हो जीवन में गिर कर उठ खड़े होने का जज्बा बना रहना चाहिए. ऐसे में हिम्मत और जज्बे की तमाम कहानियों के बीच कजलबाश का यह शेर धारा शाह पर एकदम फिट बैठता है. मुश्किल से मुश्किल समय में भी कैसे जीवन का दामन थामे रहना है सिखाने वाली धारा शाह सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हैं.
धारा ने जिंदगी में जिस दर्द का सामना किया है, उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता. बावजूद इसके वो एक बार फिर जी उठी हैं. और अब लोगों को जीना सिखा रही हैं. धारा अमेरिका में अपने परिवार के साथ रहती हैं. उनका यूट्यूब चैनल भी है. इंटरनेट पर शेयर उनकी कहानी साल 2013 से शुरू होती है. जब उनकी शादी हुई. उनके पति का नाम सिद्धार्थ है. शादी के बाद बाकी लड़कियों की तरह वो भी काफी खुश थीं.
तब धारा भविष्य में मिलने वाले दर्द से अनजान थीं. सब बहुत अच्छा चल रहा था, फिर 2018 में वो प्रेग्नेंट हुईं. प्रेग्नेंसी के दौरान के वो 9 महीने बेहद खूबसूरत रहे. वो अपने होने वाले बच्चे का इंतजार कर रही थीं. धारा 27 घंटे तक लेबर पेन में रहीं. उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया. मगर डिलीवरी वाले दिन ही कुछ ऐसा हुआ, जिससे पूरा परिवार टेंशन में आ गया.
बेटे की झलक देखते ही बेहोश हुईं
अपने बेटे माहिर की एक झलक देखते ही धारा बेहोश हो गईं. डिलीवरी के बाद उन्हें काफी ब्लड लॉस हुआ था. वो छह दिन तक कोमा में रहीं. यहीं से उनकी जिंदगी में एक के बाद एक मुसीबतें आईं. उनके हाथ और टागों पर गैंग्रीन फैलना शुरू हो गया. ये एक जानलेवा बीमारी है. इसमें शरीर पर घाव बनता है. जिसके बाद उस स्थान पर रक्त प्रवाह रुक जाता है और टिश्यूज नष्ट होने लगते हैं. इसके लगातार फैलने के बाद प्रभावित अंग को शरीर से अलग करना पड़ता है.
This brought a tear. More power to such people. pic.twitter.com/hSGg4dBVSy

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