
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना में कुल राशि का 58 प्रतिशत प्रचार पर ख़र्च: सरकार
The Wire
पिछले साल दिसंबर में महिलाओं के सशक्तिकरण पर संसदीय समिति की लोकसभा में पेश रिपोर्ट में कहा गया था कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत 2016-2019 के दौरान जारी किए गए कुल 446.72 करोड़ रुपये में से 78.91 फीसदी धनराशि सिर्फ़ मीडिया के ज़रिये प्रचार करने में ख़र्च की गई.
नई दिल्ली: सरकार ने बुधवार को कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत 2014-15 से 2020-21 तक कुल 683.05 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जिनमें 401.04 करोड़ रुपये यानी 58 प्रतिशत राशि प्रचार पर खर्च की गई है.
महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना का मकसद घटते बाल लिंग अनुपात (सीएसआर) तथा पूरे जीवन चक्र में लड़कियों और महिलाओं के सशक्तीकरण से संबंधित मुद्दों का समाधान करना है.
उन्होंने कहा, ‘वित्त वर्ष 2014-15 से वित्त वर्ष 2020-21 तक 683.05 करोड़ रुपये के कुल व्यय में से मीडिया एडेवोकेसी कैंपेन (प्रचार अभियान) पर 401.04 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है, जो कुल व्यय का 58 प्रतिशत है.’
ईरानी ने कहा कि सामुदायिक भागीदारी, जन्म के समय लिंग के चयन पर रोक और बालिकाओं की शिक्षा और विकास में मदद के लिए सकारात्मक कार्रवाई के माध्यम से बेटियों के अधिकारों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए सभी स्तरों पर इस योजना के तहत लगातार प्रयास किए जाते हैं.

आरजी कर अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार जूनियर डॉक्टर की मां ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पनिहाटी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने पर सहमति दे दी है. प्रदेश भाजपा की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि भाजपा ने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की है, जिसमें इस सीट पर कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है.

केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि देशभर में 2017 से अब तक सीवर और सेप्टिक टैंक की ख़तरनाक सफाई के दौरान 622 सफाईकर्मियों की मौत हो चुकी है. 539 परिवारों को पूरा मुआवज़ा दिया गया, जबकि 25 परिवारों को आंशिक मुआवज़ा मिला. मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश 86 के साथ सबसे ऊपर है, इसके बाद महाराष्ट्र (82), तमिलनाडु (77), हरियाणा (76), गुजरात (73) और दिल्ली (62) का स्थान है.

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कोटद्वार के ‘मोहम्मद’ दीपक की याचिका पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि एक 'संदिग्ध आरोपी' होने के नाते वह अपनी मनचाही राहत, जैसे सुरक्षा और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ विभागीय जांच की मांग नहीं कर सकते. दीपक ने बीते महीने कोटद्वार में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग के साथ दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा की जा रही बदसलूकी का विरोध किया था.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार भले ही एलपीजी की किल्लत से इनकार कर रही है लेकिन गैस एजेंसियों पर लंबी क़तारें हैं. गैस की किल्लत से जूझते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली में कुछ अटल कैंटीन बंद हैं, कई हॉस्टल मेस और गुरुद्वारों में लंगर भी सिलेंडर की कमी प्रभावित हो रहे हैं.




