
बेंगलुरु में 13 वर्षीय लड़के का अपहरण कर हत्या... जला हुआ मिला शव, पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी गिरफ्तार
AajTak
पुलिस के मुताबिक कॉलेज प्रोफेसर जेसी अचित के 13 वर्षीय बेटे निश्चय का 30 जुलाई को ट्यूशन से लौटते समय अपहरण कर लिया गया. अगले दिन शाम को उसका जला हुआ शव बन्नेरघट्टा वन क्षेत्र के पास मिला. देर रात निश्चय के माता-पिता को फिरौती के लिए फोन आया और 5 लाख रुपये की मांग की गई.
बेंगलुरु में 13 वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या मामले में बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने मुठभेड़ में गुरुमूर्ति और गोपालकृष्ण नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. हुलिमावु पुलिस के मुताबिक इंस्पेक्टर कुमारस्वामी और पीएसआई अरविंद कुमार ने बन्नेरघट्टा पुलिस सीमा में कग्गलीपुरा रोड के पास देर रात इन दोनों आरोपियों को घेरा.
पुलिस के मुताबिक गुरुमूर्ति और गोपालकृष्ण ने घातक हथियारों से इंस्पेक्टर कुमारस्वामी और पीएसआई अरविंद कुमार पर हमला करने की कोशिश की. दोनों पुलिसवालों ने सेल्फ डिफेंस में गोलियां चलाईं. चेतावनी देने के लिए हवाई फायर करने के बावजूद, आरोपियों ने हमला जारी रखा, जिसके बाद पुलिस को कुल छह राउंड गोलियां चलानी पड़ीं. गुरुमूर्ति और गोपालकृष्ण पैरों में पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए. गुरुमूर्ति के दोनों पैरों में पुलिस की गोली लगी, जबकि गोपालकृष्ण के दाहिने पैर में गोली लगी.
यह भी पढ़ें: ग्रेटर कैलाश मर्डर केस: सबूतों के अभाव में हत्यारोपी बरी, कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को लगाई फटकार
ट्यूशन से लौटते समय निश्चित का किया अपहरण
दोनों को इलाज के लिए जयनगर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में उन्हें विक्टोरिया अस्पताल ले जाया गया. पुलिस के मुताबिक कॉलेज प्रोफेसर जेसी अचित के 13 वर्षीय बेटे निश्चय का 30 जुलाई को ट्यूशन से लौटते समय अपहरण कर लिया गया. अगले दिन शाम को उसका जला हुआ शव बन्नेरघट्टा वन क्षेत्र के पास मिला. देर रात निश्चय के माता-पिता को फिरौती के लिए फोन आया और 5 लाख रुपये की मांग की गई.
पुलिस के अनुसार, लड़का बुधवार शाम 5 बजे ट्यूशन के लिए निकला था और अरेकेरे 80 फीट रोड से लापता हो गया. जब वह शाम 7:30 बजे तक वापस नहीं लौटा, तो उसकी मां ने ट्यूशन टीचर को फोन किया और पता चला कि लड़का समय पर ट्यूशन क्लास से निकल गया था. पीड़ित के पिता जेसी अचित द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उन्होंने लड़के की तलाश शुरू की और अरेकेरे फैमिली पार्क के पास निश्चय की साइकिल मिली.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कॉलेज पॉलिटिक्स से सियासी सफर का आगाज किया था. मुख्य धारा की राजनीति के डेब्यू चुनाव में हिमंत को हार का सामना करना पड़ा था. दूसरे प्रयास में पहली जीत का स्वाद चखने वाले हिमंत न सिर्फ असम की सत्ता के शीर्ष पर काबिज हुए, बल्कि पूर्वोत्तर पॉलिटिक्स की धुरी बनकर भी उभरे.

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुई हत्या के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए ईद-उल-फितर से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी, फ्लैग मार्च और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तेज कर दी है. हाई कोर्ट ने भी पुलिस को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि हालात किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं चाहिए और शांति बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए.











