
बिहार में जब-जब बढ़ी वोटिंग तब लौटी नीतीश सरकार, क्या इस बार भी दिखा पाएंगे कमाल?
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बिहार की सत्ता नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द 20 सालों से सिमटी है. 2005 में नीतीश कुमार पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बनी थे, उसके बाद से चार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, वोटिंग पैटर्न बता रहा है कि जब-जब वोटिंग बढ़ी है तो नीतीश कुमार की सरकार सत्ता में लौटी है?
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के 121 सीटों के उम्मीदवारों की किस्मत गुरुवार को ईवीएम में कैद हो गई है. पहले फेज़ की 121 सीटों पर 64.69 फीसदी मतदान हुआ है जबकि 2020 में इन सीटों पर 56.1 फ़ीसदी वोटिंग हुई थी.
पहले चरण की वोटिंग पैटर्न के लिहाज से करीब साढ़े आठ फीसदी मतदान इस बार ज़्यादा हुआ है, जो बिहार के इतिहास में एक रिकॉर्ड बन गया. बिहार में बीस साल से जब-जब वोटिंग बढ़ी है तो नीतीश कुमार की सत्ता में वापसी हुई है.
बिहार के पहले चरण की वोटिंग के आंकड़े को देखें तो यह साफ है कि बिहार में अभी तक की सबसे ज़्यादा वोटिंग हुई है. इससे पहले राज्य में सबसे अधिक मतदान साल 2000 के चुनाव में सामने आया था. तब पूरे बिहार में सर्वाधिक 62.57 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. इस बार करीब 64.69 प्रतिशत वोटिंग हुई. ऐसे में सवाल उठता है कि बिहार में पिछले 20 साल का वोटिंग पैटर्न क्या रहा?
किसके पक्ष में पहले चरण की वोटिंग?
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