
बिजली-इलाज फ्री, 500 में घरेलू सिलेंडर... बजट के दांव से क्या चुनावी रिवाज बदल पाएंगे अशोक गहलोत?
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राजस्थान में एक साल बाद विधानसभा चुनाव है. उससे पहले ही राजनीतिक दलों ने चुनावी तैयारियों को लेकर रणनीति को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है. शुक्रवार को राजस्थान में कांग्रेस सरकार के बजट में भी चुनावी झलक देखने को मिली है. हालांकि, ये मुफ्त बिजली और मुफ्त इलाज का दांव राजस्थान की कांग्रेस सरकर के लिए कितना कारगर होगा? क्या दो दशक की परंपराएं टूट पाएंगी, फिलहाल, ये चुनाव बाद ही साफ हो सकेगा.
राजनीतिक माहौल में कुछ वर्षों से 'फ्री', 'फ्रीबीज' और 'रेवड़ी' शब्द का चलन जोरों पर है. मुफ्त राशन या सिलेंडर के जरिए भाजपा हो या मुफ्त बिजली के जरिए AAP अपने मतदाताओं को लुभाने की कोशिश करते देखी गई है. अब ऐसा लगता है कि राजस्थान में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उसी रास्ते पर आगे बढ़ गए हैं. राज्य सरकार ने शुक्रवार को जो बजट पेश किया, उसमें सबसे ज्यादा चुनावी झलक देखने को मिली.
बजट में सबके लिए 100 यूनिट प्रति माह और किसानों के लिए 2000 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने का ऐलान किया गया. पहले यहां आम आदमी के लिए प्रति माह 50 यूनिट और किसानों के लिए 1000 यूनिट तक बिजली मुफ्त थी. गहलोत सरकार ने यह भी घोषणा की कि राजस्थान में उज्ज्वला योजना के लाभार्थी 500 रुपये में गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे. साथ ही चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना में आर्थिक रूप से गरीब परिवार (EWS) से भी अब सरकार अगले साल से 850 रुपए प्रीमियम नहीं लेगी. चिरंजीवी योजना के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में 10 लाख रुपये की जगह अब 25 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त किया जाएगा.
किसानों को भी साधा, महंगाई पर लगाम लगाने की कोशिश
23 लाख किसानों को मुफ्त बीज किट देने की घोषणा कर किसानों की लागत कम करने का प्रयास किया गया है. इससे बाजार में महंगाई पर भी लगाम लगेगी और अनाज-सब्जी आदि सस्ते में उपलब्ध होंगे.
ऐसे में सवाल उठता है कि ये सभी मुफ्त योजनाएं सरकार के काम आएंगी या नहीं? क्या राजस्थान में चुनाव की दो दशक की परंपराएं टूट पाएंगी, ये नतीजे आने के बाद साफ हो सकेगा.चुनाव अब से महज करीब 11 महीने दूर हैं. राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री ने कहा- अशोक गहलोत गरीबों के लिए चिंतित हैं. यह राम राज्य का बजट है और राजस्थान के आम लोगों के बीच विश्वास जीतने में सफल होंगे. यह ना तो रेवड़ी है और ना ही कोई मुफ्त-बजट. यह सुशासन का बजट है.
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