
बाहर से PPP का समर्थन, शहबाज शरीफ पीएम, मरियम नवाज पंजाब प्रांत की सीएम, जरदारी प्रेसिडेंट... पाकिस्तान में सरकार गठन का ये बन रहा फॉर्मूला
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पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज ने मंगलवार को पार्टी सुप्रीमो और तीन बार प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ की बजाय शहबाज शरीफ को पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री पद के तौर पर नामित किया है. नवाज शरीफ ने समर्थन देने वाली पार्टियों को धन्यवाद दिया है. चुनाव में नवाज शरीफ की पार्टी PMLN, बिलावल की पार्टी PPP और इमरान की PTI के उम्मीदवार निर्दलीय तौर पर खड़े थे. हालांकि, पूर्ण बहुमत किसी दल को नहीं मिला है.
पाकिस्तान की राजनीति में आम चुनाव के पांच दिन बाद चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है. इसके साथ ही नई सरकार के गठन का फॉर्मूला भी तय हो गया है. यहां PML-N गठबंधन की नई सरकार होगी और दो पार्टियां पाकिस्तान पीपल्स पार्टी और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान समर्थन देंगी. अगले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (72 साल) होंगे. इसके अलावा पार्टी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष मरियम नवाज (50 साल) को पंजाब के मुख्यमंत्री पद के लिए नामित किया गया है. पीपीपी का राष्ट्रपति होगा. पार्टी ने साफ किया है कि वो आसिफ अली जरदारी को नया राष्ट्रपति बनाने का प्रस्ताव आगे बढ़ा रहे हैं.
PML-N की की सूचना सचिव मरियम औरंगजेब ने बताया कि पार्टी सुप्रीमो नवाज शरीफ (74 साल) ने शहबाज शरीफ को देश के प्रधानमंत्री पद के लिए नामित किया है. मरियम औरंगजेब का कहना था कि नवाज शरीफ ने खुद पद ना लेने का फैसला लिया है और शहबाज को नया पीएम और मरियम नवाज का पंजाब के सीएम के तौर पर नाम फाइनल किया है. सरकार बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा, सरकार में सत्ता बंटवारे की व्यवस्था के लिए हर राजनीतिक दल में कमेटियां बनाई जा रही हैं.
'बाहर से समर्थन देगी बिलावल की पार्टी'
नवाज शरीफ ने उन राजनीतिक दलों को धन्यवाद दिया है जिन्होंने पीएमएल-एन को (आगामी सरकार बनाने में) समर्थन देने का ऐलान किया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे फैसलों से पाकिस्तान संकट से बाहर आ जाएगा. यह घटनाक्रम पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी के प्रधानमंत्री पद की दौड़ से हटने के कुछ घंटों बाद आया है. बिलावल का कहना है कि उनकी पार्टी नई सरकार का हिस्सा नहीं बनेगी. हालांकि, वो पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी का समर्थन करेंगे.
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फिलहाल, शहबाज के दूसरी बार पीएम बनने का रास्ता साफ होते दिख गया है. इमरान खान के सत्ता से हटने के बाद शहबाज पाकिस्तान के 23वें प्रधानमंत्री बने थे और अप्रैल 2022 से अगस्त 2023 तक देश की बागडोर संभाली थी. वे पीपीपी के समर्थन से सरकार में आए थे.

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