
बहराइच में अब होगा आदमखोर का खात्मा, भेड़ियों को मारने के लिए शूटरों की स्पेशल टीम तैनात
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बहराइच के प्रभागीय वनाधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि इस स्पेशल टीम में शामिल किए गए शूटरों में से छह वन विभाग से हैं जबकि तीन यूपी पुलिस से हैं.
Man-Eating Wolves Terror in Bahraich: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर बहराइच के जंगल में आदमखोर भेड़िये को मारने के लिए नौ शूटरों की एक विशेष टीम तैनात की गई है. उस टीम में वन विभाग और पुलिस के शूटर शामिल किए गए हैं. बुधवार को राज्य सरकार की ओर से एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.
इस मामले में बहराइच के प्रभागीय वनाधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि इस स्पेशल टीम में शामिल किए गए शूटरों में से छह वन विभाग से हैं जबकि तीन यूपी पुलिस से हैं.
प्रभागीय वनाधिकारी ने आगे बताया कि वन विभाग ने पूरे अभियान को तीन प्रमुख खंडों में विभाजित किया है. तीन खंडों में तीन विशेष टीमों के अलावा एक टीम को रिजर्व में रखा गया है. प्रत्येक विशेष खंड में तीन शूटर तैनात कर दिए गए हैं.
अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि टीम का मुख्य कार्य आदमखोर भेड़िये की पहचान करना और उसे चिड़ियाघर में स्थानांतरित करना या उसे गोली मारना है. अब उसे जंगल में खुला नहीं छोड़ा जाएगा. भेड़िया दिखाई देने पर हालात के मुताबिक उसे पकड़कर बंद करना है या गोली मारना है, यह तय किया जाएगा.
प्रभागीय वनाधिकारी अजीत प्रताप सिंह की मानें तो मौके पर ही भेड़िये को शांत करना और पकड़ना उनकी प्राथमिकता होगी, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो भेड़िये को गोली मारने में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
बहराइच में मार्च से ही भेड़िये इंसानों पर हमला कर रहे हैं. 17 जुलाई से बारिश का मौसम शुरू होने के बाद से हमले और बढ़ गए हैं. सोमवार तक भेड़िये ने आठ लोगों को मार डाला है, जिनमें सात बच्चे हैं और करीब 36 लोग घायल हुए हैं.

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