
बड़ी लापरवाही! लैब की गलती से 6 माह के बच्चे को चढ़ा गलत खून, इस तरह हुआ खुलासा
Zee News
उज्जैन जिले में अस्पताल की लापरवाही सामने आई है. एक 6 महीने को बच्चे को गलत खून चढ़ा देने से उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई. परिजन इसकी शिकायत लेकर थाने पहुंचे. पुलिस ने मामले में जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की बात कही है.
राहुल सिंह राठौड़/उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में अस्पताल की लापरवाही सामने आई है. एक 6 महीने को बच्चे को गलत खून चढ़ा देने से उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई. परिजन इसकी शिकायत लेकर थाने पहुंचे. पुलिस ने मामले में जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की बात कही है. लैब ने दी गलत रिपोर्ट दरअसल बुखार के चलते ग्राम गोंदिया के पूर्व सरपंच अपने 6 माह के पौते को उज्जैन प्राइवेट क्लिनिक जांच करवाने के लिए पहुंचे थे.जहां डॉक्टर ने ब्लड की जांच के लिए बच्चे को परिजन के साथ शहर के सुपर स्पेशलिस्ट लैब भेजा. बच्चे की ब्लड रिपोर्ट B+ बताई गई. रिपोर्ट अनुसार डॉक्टर ने डेंगू बीमारी बताते हुए बच्चे को भर्ती करने को कहा. साथ ही 2 यूनिट ब्लड लाने को कहा. जिसे परिजन लेकर आए और बच्चे को ब्लड चढ़ा दिया गया. जब अचनाक बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी तो दौबारा बच्चे की ब्लड जांच की गई. जिसमें उसका ब्लड ग्रुप B- पाया गया. जिसके बाद हड़बड़ाहट में बच्चे को B नेगेटिव ब्लड चढ़ाया गया. तब बच्चे की हालत स्थिर हुई.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










