
बटला हाउस एनकाउंटरः इंस्पेक्टर मोहनचंद्र शर्मा को लगी थी 2 गोली, ऐसे फरार हुआ था आरिज
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बाटला हाउस एनकाउंटर की दास्तान 13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए सीरियल बम ब्लास्ट से शुरू होती है. दिल्ली के करोल बाग, कनाट प्लेस, इंडिया गेट और ग्रेटर कैलाश में हुए धमाकों में उस दिन 26 लोग मारे गए थे, जबकि 133 घायल हो गए थे. जांच में पता चला था कि बम ब्लास्ट को आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन ने अंजाम दिया था.
बटला हाउस एनकाउंटर केस में दोषी आरिज खान को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है. दिल्ली की साकेत कोर्ट ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस माना है. आरोपी आरिज खान को कोर्ट ने 8 मार्च को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया था. इस एनकाउंटर के दौरान स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा गोली लगने से घायल हो गए थे. बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी. आइए आपको बताते हैं, उस दिन क्या हुआ था. बटला हाउस एनकाउंटर की दास्तान 13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए सीरियल बम ब्लास्ट से शुरू होती है. दिल्ली के करोल बाग, कनाट प्लेस, इंडिया गेट और ग्रेटर कैलाश में हुए धमाकों में उस दिन 26 लोग मारे गए थे, जबकि 133 घायल हो गए थे. जांच में पता चला था कि बम ब्लास्ट को आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन ने अंजाम दिया था. धमाकों के 6 दिन बाद 19 सितंबर 2008 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि इंडियन मुजाहिद्दीन के पांच आतंकी बटला हाउस के एक मकान में छुपे हैं. ये सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई.
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