
बंगाल पुलिस ने मोहन भागवत की जनसभा को नहीं दी अनुमति, RSS ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
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आरएसएस ने अनुमति के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है. इस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है. भारतीय खेल प्राधिकरण मैदान में चल रही कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं का हवाला देते हुए लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध बताते हुए जनसभा करने की अनुमति नहीं दी गई. ये जनसभा 16 फरवरी को होनी है.
पश्चिम बंगाल प्रशासन ने रविवार को बर्दवान में आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत की जनसभा की अनुमति नहीं दी. आरएसएस ने अनुमति के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है. इस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है. भारतीय खेल प्राधिकरण मैदान में चल रही कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाओं का हवाला देते हुए लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध बताते हुए जनसभा करने की अनुमति नहीं दी गई.
ये जनसभा 16 फरवरी को होनी है. जानकारी के मुताबिक जिला पुलिस ने अनुमति देने से इनकार करते हुए यह भी बताया कि आरएसएस प्रमुख की प्रस्तावित बैठक स्थल के पास एक स्कूल है. हालांकि, आरएसएस का कहना है कि चूंकि जनसभा रविवार को होगी, इसलिए परीक्षा प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होने का कोई सवाल ही नहीं उठता.
बता दें कि मोहन भागवत फिलहाल पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं. उन्होंने अपने दौरे के दौरान आरएसएस के विभिन्न राज्य पदाधिकारियों से मुलाकात की और राज्य में संगठन के नेटवर्क का विस्तार करने के तरीकों पर चर्चा की. रविवार को बर्दवान में प्रस्तावित बैठक मध्य बंगाल के जिलों पर ध्यान केंद्रित करने की कवायद का एक हिस्सा है.
भागवत ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की उस डॉक्टर के माता-पिता से मुलाकात की, जिसके साथ पिछले साल अगस्त में बलात्कार किया गया था और उसकी हत्या कर दी गई थी. पीड़ित परिवार के अनुरोध पर, पश्चिम बंगाल के दौरे पर आए भागवत ने कोलकाता के निकट राजारहाट के एक गेस्ट हाउस में कुछ देर तक उनसे बातचीत की. भागवत ने उस महिला के साथ हुई क्रूरता के बारे में सुनकर दुख जताया और माता-पिता के साथ एकजुटता व्यक्त की.
उन्होंने विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से उनके कक्ष में और भाजपा पार्षद और पार्टी प्रवक्ता सजल घोष से भी कई बार मुलाकात की थी. उन्होंने दक्षिण बंगाल क्षेत्र में आरएसएस पदाधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं, जिसमें उन्होंने संगठन के विभिन्न पहलुओं और राज्य में इसके भविष्य के रोडमैप पर चर्चा की.

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