
फिर क्यों तेज हो गई है नीतीश के NDA में जाने की चर्चा? RJD और BJP खेमे में बढ़ी हलचल
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बिहार में बीजेपी से लेकर आरजेडी के खेमे तक हलचल बढ़ गई है. नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के फिर से बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की चर्चा क्यों तेज हो गई है?
बिहार की सत्ता के पावर सेंटर नीतीश कुमार के फिर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है. बिहार में सियासी पार चढ़ गया है. वहीं अब तक नीतीश के लिए एनडीए के दरवाजे बंद होने की बात करने वाली बीजेपी के सुर भी नरम पड़ते जा रहे हैं. इन सबके बीच जेडीयू से लेकर आरजेडी और बीजेपी तक, मेल-मुलाकातों और बैठकों का दौर तेज हो गया है. नीतीश कुमार ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सभी सांसदों और विधायकों से अगले आदेश तक पटना में मौजूद रहने के लिए कहा है.
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नीतीश सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की है. वहीं, बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा के आवास पर बीजेपी विधायकों की आपात बैठक हुई है. बीजेपी की गठबंधन सहयोगी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतनराम मांझी ने भी अपने सभी विधायकों से 25 जनवरी तक पटना में ही रहने के लिए कहा है. जीतनराम मांझी ने नीतीश कुमार को पलटू राम बताते हुए कहा कि जब एक बार पलट चुके हैं तो दूसरी और तीसरी बार पलटने में क्या दिक्कत है?
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उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर जेडीयू एनडीए में आती है तो हम इसका विरोध नहीं करेंगे. मांझी ने साथ ही यह भी दावा किया कि नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव को सीएम बनाने के वादे के साथ महागठबंधन में शामिल हुए थे. मुझे पहले से मालूम था कि वह तेजस्वी को सीएम के रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगे. मांझी का यह बयान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान के घर हुए राजनीतिक जुटान के ठीक बाद आया है. मांझी के साथ ही उपेंद्र कुशवाहा भी चिराग के घर पहुंचे थे. चिराग ने भी अब जेडीयू के एनडीए में शामिल होने की संभावना जता दी है.
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