
पोप फ्रांसिस की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती, बाइडेन बोले- दुआ मांगें
AajTak
पोप फ्रांसिस की तबीयत ठीक नहीं है. वेटिकन के प्रवक्ता ने बताया कि सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जांच में पता चला है कि पोप को श्वसन संक्रमण है. हालांकि यह संक्रमण कोरोना वायरस से जुड़ा नहीं है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने लोगों से पोप के लिए दुआ मांगने को कहा है.
पोप फ्रांसिस को सांस लेने में तकलीफ होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक वेटिकन के प्रवक्ता माटेओ ब्रूनी ने बुधवार को यह जानकारी दी. न्यूज एजेंसी के मुताबिक माटेओ ब्रूनी ने कहा कि पोप फ्रांसिस ने हाल के दिनों में सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए पोलिक्लिनिको ए जेमेली ले जाया गया था.
मेडिकल टेस्ट में पता चला कि उन्हें श्वसन संक्रमण यानी कि सांस लेने में परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा कि हालांकि पोप को कोविड-19 नहीं हुआ है. इससे पहले पोप जुलाई 2021 में भी एक अस्पताल भर्ती कराए गए थे.
एपी की रिपोर्ट के तहत फ्रांसिस इससे पहले जुलाई 2021 में जेमेली अस्पताल में 10 दिन के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे, जिसमें उनके शरीर के 33 सेंटीमीटर (13 इंच) के एक अंग को डॉक्टरों ने हटा दिया था.
लोगों को संबोधित करने के दौरान स्वस्थ दिखे
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक पोप फ्रांसिस के लिए यह साल का सबसे व्यस्ततम समय होता है, दरअसल उन्हें कई तरह के कार्यक्रमों में हिस्सा लेना होता है. पोप ने बुधवार को सेंट पीटर्स स्क्वेयर पर आए लोगों को संबोधित किया था. इस दौरान वह ठीक दिख रहे थे, लेकिन अपनी गाड़ी पर चढ़ते हुए उनकी तबीयत कुछ बिगड़ी से दिखी. वेटिकन न्यूज ने सीएनएन की रिपोर्ट के हवाले से कहा था कि पोप गुरुवार को भी एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे.
छोटी उम्र में काट दिया गया था फेफड़े का हिस्सा

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में अब तेल-गैस के ठिकानों पर हमले से तनाव बढ़ गया है. पूरे दुनिया पर ऊर्जा का संकट बढ़ता जा रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से तेल के बाजार में पहले ही उथल-पुथल मची है. अब दोनों ओर से ताजा हमलों से पूरी दुनिया महंगाई के बड़े संकट की ओर बढ़ती जा रही है. देखें लंच ब्रेक.

चाहे हालात शांति के हों या युद्ध जैसे तनावपूर्ण, जिंदगी कभी नहीं रुकती, इसकी मिसाल लेबनान में देखने को मिली. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच यहां दुनिया के अलग-अलग देशों से आए हजारों लोग, जो काम के सिलसिले में लेबनान में रह रहे हैं, उन्होंने इजरायली हमलों और तमाम चुनौतियों के बावजूद ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाया. संघर्ष और अनिश्चितता के बीच भी लोगों ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं.

होर्मुज को लेकर तनातनी जारी है. इस बीच छह देशों ने एक बयान जारी किया है ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और नीदरलैंड्स ने कहा है कि वे हॉर्मुज़ में सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं. हालांकि, इटली, जर्मनी और फ्रांस ने बाद में स्पष्ट किया कि वे तत्काल किसी सैन्य सहायता की बात नहीं कर रहे हैं. इन देशों ने क्या शर्त रखी है. जानें.

ईरान ने 66वें राउंड का हमला शुरू कर दिया है. ईरान ने मिसाइलों के जरिए इजरायल पर 66वें राउंड के हमले किए हैं. इधर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बहुत बड़ा दावा किया है .IRGC ने अमेरिकी सेना के एक F-35 लड़ाकू विमान पर हमले का दावा किया है और इसका वीडियो भी जारी किया है. दावे के मुताबिक अमेरिकी लड़ाकू विमान को काफी नुकसान पहुंचा है. देखें 9 बज गए

ईरान ने सोचा था कि वो सिर्फ अपने जज्बे और कुछ मिसाइलों और ड्रोन के भरोसे जंग जीत लेगा. इसी ओवर-कॉन्फिडेंस वो मात खाता जा रहा है, जब उसके एक के बाद एक बड़े नेता ताबूत में बंद होते दिखाई दे रहे हैं. ईरानी जज्बे का मुकाबला इजरायली इंटेलिजेंस यानी दुनिया के सबसे बड़े खुफिया नेटवर्क से है. वो नेटवर्क जो ईरानी नेताओं के बेडरूम तक घुसा हुआ है.








