
पूर्व CM Trivendra Singh Rawat का अजीब बयान, ‘Coronavirus भी एक प्राणी है और उसे भी जीने का अधिकार है’
Zee News
उत्तराखंड (Uttarakhand) के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसे हजम कर पाना बेहद मुश्किल है. रावत का कहना है कि कोरोना वायरस भी एक प्राणी है और उसे भी जीने का अधिकार है.
देहरादून: उत्तराखंड (Uttarakhand) के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसे हजम कर पाना बेहद मुश्किल है. रावत का कहना है कि कोरोना वायरस भी एक प्राणी है और उसे भी जीने का अधिकार है. पूर्व सीएम का दार्शनिक अंदाज में दिया गया यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इसके लिए उनकी आलोचन भी की जा रही है. वैसे, रावत अकेले नहीं हैं, कोरोना, उससे बचाव को लेकर अब तक कई अजीबोगरीब बयान सामने आ चुके हैं. एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra Singh Rawat) ने कहा, ‘मैं दार्शनिक पक्ष के साथ यह बात कर रहा हूं. वायरस भी एक प्राणी है और हम भी. हम अपने आपको सबसे अधिक बुद्धिमान मानते हैं, लेकिन वो प्राणी जीना चाहता है और उसे भी यह अधिकार है’. रावत इतने पर ही नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि हम कोरोना वायरस (Coronavirus) के पीछे लग गए हैं, वह रूप बदल रहा है. बहुरूपिया हो गया है, इसलिए वायरस से दूरी बनाकर चलना होगा.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










