
पुणे: दो गुटों में हिंसक झड़प, शिवाजी महाराज की प्रतिमा से तोड़फोड़ के विरोध में मस्जिद पर पथराव
AajTak
महाराष्ट्र के पुणे में दो गुटों केे बीच हिंसक झड़प हो गई है.
महाराष्ट्र के पुणे में दो गुटों के बीच आज (शुक्रवार) को हिंसक झड़प हुई है. दौंड तालुका स्थित यवत रेलवे स्टेशन परिसर के नीलकंठेश्वर मंदिर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को तोड़ने के खिलाफ स्थानीय जनमानस में भारी आक्रोश फैल गया.
इस घटना के विरोध में कल भाजपा विधायक गोपीचंद पडळकर ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर यवत में मोर्चा निकाला. इसके तुरंत बाद आज यवत की एक मस्जिद पर पथराव की घटना सामने आई है. इस पथराव से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई है.
हिंदू संगठनों का कहना है कि यह घटना जानबूझकर दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने के उद्देश्य से की गई है. छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा खंडित करने की घटना से सकल हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं. इस कृत्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए यवत गांव और आसपास के ग्रामीणों ने गांव पूरी तरह बंद रखा और सार्वजनिक रूप से विरोध प्रदर्शन किया.
ये खबर अपडेट की जा रही है.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कॉलेज पॉलिटिक्स से सियासी सफर का आगाज किया था. मुख्य धारा की राजनीति के डेब्यू चुनाव में हिमंत को हार का सामना करना पड़ा था. दूसरे प्रयास में पहली जीत का स्वाद चखने वाले हिमंत न सिर्फ असम की सत्ता के शीर्ष पर काबिज हुए, बल्कि पूर्वोत्तर पॉलिटिक्स की धुरी बनकर भी उभरे.

दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दिन हुई हत्या के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए ईद-उल-फितर से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी, फ्लैग मार्च और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तेज कर दी है. हाई कोर्ट ने भी पुलिस को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि हालात किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं चाहिए और शांति बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए.











