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पीए संगमा... ऐसे स्पीकर जो सत्तापक्ष की नहीं, बल्कि विपक्ष की पसंद थे!
Zee News
PA Sangma Lok Sabha Speaker: साल 1996 में पीए संगमा लोकसभा स्पीकर बने थे. खास बात ये है कि तब भाजपा की वाजपेयी सरकार थी और संगमा कांग्रेस के सासंद थे. यह पहली बार था जब कोई विपक्षी पार्टी का सांसद लोकसभा का स्पीकर बना.
नई दिल्ली: PA Sangma Lok Sabha Speaker: देश के संसदीय इतिहास में करीब 48 साल बाद लोकसभा स्पीकर का चुनाव हुआ. इस पद की अहमियत तब और बढ़ जाती है जब गठबंधन की सरकार हो. आमतौर पर स्पीकर सत्ताधारी दल या गठबंधन का ही बनता है, लेकिन भारत की राजनीति में किसी भी संभावना को नकारा नहीं जाना चाहिए. क्योंकि 1996 में विपक्ष का एक नेता स्पीकर बना था.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.










