
पीएम मोदी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नहीं जाना चाहिए, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने जारी किया Video
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Maulana Mahmood Asad Madani: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के चीफ मौलाना महमूद असद मदनी ने वीडियो जारी करते हुए कहा, 'अयोध्या को लेकर जो कोर्ट का फैसला आया है उसे हम सही नहीं मानते हैं और साथ ही यह भी कहते हैं कि पीएम मोदी को मंदिर के उद्घाटन समारोह में नहीं जाना चाहिए. देश के प्रधानमंत्री को अयोध्या ही नहीं, बल्कि किधर भी ऐसे कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए.'
Maulana Mahmood Asad Madani: श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने बीते दिन अगले साल 22 जनवरी को अयोध्या मंदिर में राम मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम की मूर्ति स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया था. इसके बाद विपक्ष हमलावर है और पूछ रहा है कि पीएम मोदी को क्यों न्योता दिया जा रहा है. अब वहीं, मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने भी इसपर ऐतराज जताया है और कहा है कि पीएम मोदी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नहीं जाना चाहिए. The Judgement was completely wrong. The Prime Minister should not participate in the inauguration ceremony in : Maulana Mahmood Asad Madani

Indian Air Force refuelling aircraft: भारत के पास अभी सिर्फ 6 पुराने Il-78MKI विमान हैं जो 2003-2004 में उज्बेकिस्तान से लिए गए थे. पुर्जों की कमी की वजह से इनमें से आधे से ज्यादा विमान अक्सर मरम्मत के लिए खड़े रहते हैं. पिछले साल भारत ने अमेरिका की एक कंपनी से एक टैंकर विमान लीज पर लिया था, लेकिन उसके साथ अमेरिकी क्रू आता है, जो युद्ध के समय भारत के काम नहीं आ सकेगा. ऐसे में ये नए विमान नई ताकत बनेंगे.

Tejas-MK2 Rollout: राफेल डील के बीच इंडियन एयरफोर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. HAL-DRDO ने कमाल का काम करते हुए तेजस मार्क-2 को उड़ान के लिए तैयार कर दिया है. इसका इंटरनल रोलआउट पूरा हो चुका है. अब स्वदेशी मिडियम वेट फाइटर जेट ट्रायल फेज में एंट्री कर गया है. इसके बाद कुछ मंजूरियों के बाद फाइनल रोलआउट होगा, जो सार्वजनिक तौर पर किया जाएगा.

Project Kusha Air Defence System: प्रोजेक्ट कुशा पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' होगा, जिससे युद्ध के समय हमें किसी और देश के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. साथ ही, रूस या अमेरिका जैसे देशों को अरबों डॉलर नहीं देने पड़ेंगे. वहीं, इसमें ऐसी तकनीकें जोड़ी जा रही हैं जो आने वाले दशकों तक दुश्मन के किसी भी नए विमान को मार गिराने में सक्षम होंगी.

Astra MK-1 Missile Upgrade: DRDO इस अपग्रेड में मिसाइल के प्रोपल्शन सिस्टम, फ्लाइट प्रोफाइल और एनर्जी मैनेजमेंट को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही गाइडेंस सिस्टम में भी सुधार किया जाएगा. लंबी दूरी तक मिसाइल की रफ्तार और maneuverability बनी रहे. यह अपग्रेड मिसाइल के मूल डिजाइन में बड़े बदलाव के बिना किया जाएगा.

Fateh Ghadir Class Submarines: ईरान लंबे समय से अमेरिका की नौसैनिक ताकत का मुकाबला असममित रणनीति के जरिए करता रहा है. पनडुब्बियों की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है. जिसके तहत ईरान सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े नौसैनिक बलों पर दबाव बना सकता है. ईरानी नौसेना के मुताबिक उनकी पनडुब्बियां अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों पर चेतावनी देने में सक्षम हैं.








