
पाश की कविता में स्वप्न और संघर्ष का स्थाई भाव है… वे सपनों को जिलाए रखते हैं
The Wire
विशेष: क्रांतिकारी सपने देखता है. वह उसे विचार व कर्म की आंच में पकाता है. वह शहीद होकर भी संघर्ष की पताका को गिरने नहीं देता. उसे अपने दूसरे साथी के हाथों में थमा देता है. शहीद भगत सिंह ने जिस आज़ाद भारत का सपना देखा था, पाश उसे अपनी कविता में विस्तार देते हैं.
‘भगत सिंह ने पहली बार पंजाबजंगलीपन, पहलवानी व जहालत सेबुद्धिवाद की ओर मोड़ा थाजिस दिन फांसी दी गईउनकी कोठरी में लेनिन की किताब मिलीजिसका एक पन्ना मुड़ा हुआ थापंजाब की जवानी कोउसके आखिरी दिन सेइस मुड़े पन्ने से बढ़ना है आगे, चलना है आगे’ ‘हर किसी को नहीं आते बेजान बारूद के कणों में सोई आग के सपने नहीं आते.. शेल्फ में पड़े इतिहास के ग्रंथों को सपने नहीं आते सपनों के लिए लाजमी है झेलने वाले दिलों का होना नींद की नजर होनी लाजमी है सपने इसलिए हर किसी को नहीं आते’
ये काव्य पंक्तियां पंजाबी के क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह पाश की हैं. भगत सिंह को जब फांसी के लिए ले जाया जा रहा था, उस वक्त वे अपनी काल कोठरी में लेनिन की किताब पढ़ रहे थे. फांसी के लिए जाने से पहले उन्होंने किताब के उस पन्ने को, जहां वे पढ़ रहे थे, मोड़ दिया था. पाश ने इस परिघटना को आजादी के संघर्ष को जारी रखने की प्रेरणा के रूप में लिया और अपनी कविता में इसे व्यक्त किया.
23 मार्च शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का शहीदी दिवस है. इन तीन नौजवान क्रांतिकारियों को अंग्रेजों ने फांसी दी थी. इस घटना के 57 साल बाद 23 मार्च 1988 को पंजाब के प्रसिद्ध क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह पाश को आतंकवादियों ने अपनी गोलियों का निशाना बनाया.
उनका असली नाम अवतार सिंह संधू था. पाश का जन्म नौ सितंबर 1950 को जालंधर जिले की नकोदर तहसील में तलंबंडी सलेम गांव में हुआ था. पाश के पिता भारतीय सेना में सेवा करते हुए मेजर के पद से रिटायर हुए थे. बीए की डिग्री लेकर पाश ने अपने ही गांव में स्कूल खोला और पत्रकारिता भी करते रहे.

कैम्पेन अगेंस्ट स्टेट रिप्रेशन (सीएएसआर) ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में दो मज़दूर अधिकार कार्यकर्ताओं, दो विस्थापन-विरोधी कार्यकर्ताओं और छह छात्रों को 'अधिकारियों' ने उठा लिया है और उनका अब तक कोई पता नहीं है. संगठन ने उनके ठिकाने की जानकारी, सुरक्षा की गारंटी और कानूनी सहायता सुनिश्चित करने की मांग की है.

महाराष्ट्र में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना प्रभावित होने की आशंका जताई गई है. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने बीपीसीएल और एचपीसीएल से स्वयं सहायता समूहों और केंद्रीय रसोईघरों के लिए सिलेंडरों की प्राथमिक आपूर्ति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है, ताकि छात्रों के भोजन पर असर न पड़े.

लोकसभा में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मणिकर्णिका घाट एएसआई के तहत संरक्षित स्मारक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि घाट पर चल रहा कार्य घाट की गरिमा को बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे जीर्णोद्धार और संरक्षण परियोजना का हिस्सा है.

देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच गुरुवार को संसद में जारी बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ज़ोरदार हंगामा देखने को मिला. कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया और इस पर संसद के भीतर विस्तृत चर्चा की मांग की. हालांकि, सरकार का कहना है कि देश के पास पर्याप्त भंडार हैं.

ईरान संघर्ष के बीच कंटेनर जहाजों की कमी के कारण कच्चे माल की कीमतों में करीब 30% की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते भारत में दवाओं के दाम तेज़ी से बढ़ने की आशंका है. उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि जहाजों की कमी के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) की आपूर्ति प्रभावित हुई है. चीन भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है.








