
'पार्टी लाइन जरूरी लेकिन जनता का मुद्दा उठाना हमारा कर्तव्य', दिल्ली से लौटने के बाद बोले विक्रमादित्य सिंह
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विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि 2023 में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लिया था. उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत रखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि एक्ट के तहत लोगों का रजिस्ट्रेशन और रेगुलराईजेश जरूरी है.
हिमाचल प्रदेश में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए नेम प्लेट अनिवार्य करने के फैसले ने विवाद शुरू कर दिया है. इस मुद्दे पर प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री विक्रमादित्य सिंह का बयान चर्चाओं में है. हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री सिंह ने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और इसे उन नीतियों से जोड़ा गया है जिन्हें साम्प्रदायिक आधार पर अन्य राज्यों में लागू किया गया था.
विक्रमादित्य सिंह ने कहा, "हिमाचल के हितों के लिए काम करना हमारा दायित्व और जिम्मेदारी है. पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के मूल्यों पर काम करेंगे. कांग्रेस कार्यकर्ता हूं और प्रदेश में पार्टी के सिद्धांतों के अनुसार हमेशा काम करेंगे."
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हाईकोर्ट ने लिया था मामले का संज्ञान
विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि स्ट्रीट वेंडर प्रोटेक्शन ऑफ लाइवलीहुड एंड स्ट्रीट वेंडर एक्ट एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न मसलों के संदर्भ में 2010 और 2012 में लागू करने का आदेश दिया था. 2023 में हिमाचल हाईकोर्ट ने इस संबंध में मामला संज्ञान में लिया था और विधानसभा ने इस पर एक कमेटी भी बनाई थी.
दिल्ली क्यों गए थे विक्रमादित्य सिंह?

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