
पाकिस्तान पहली बार US से खरीदेगा तेल, एनर्जी कंपनी विटॉल से हुआ समझौता
AajTak
तेल पाकिस्तान का सबसे बड़ा आयात है और 30 जून, 2025 को खत्म हुए साल में इसके निर्यात का मूल्य 11.3 अरब डॉलर था, जो देश के कुल आयात बिल का करीब पांचवां हिस्सा है.
पाकिस्तान (Pakistan) की सबसे बड़ी रिफाइनर कंपनी, Cnergyico's (CNER.PSX), अक्टूबर में विटॉल से 10 लाख बैरल तेल का आयात करेगी. कंपनी के उपाध्यक्ष उसामा कुरैशी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी है. यह एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बाद देश की पहली अमेरिकी कच्चे तेल की खरीद होगी. उन्होंने बताया कि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट लाइट क्रूड कार्गो इसी महीने ह्यूस्टन से लोड किया जाएगा और अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में कराची पहुंचने की उम्मीद है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक कुरैशी ने बताया, "यह ग्लोबल एनर्जी कंपनी विटॉल के साथ हमारे समझौते के तहत एक परीक्षण स्थल कार्गो है. अगर यह व्यावसायिक रूप से उपलब्ध है, तो हम हर महीने करीब एक कार्गो आयात कर सकते हैं."
उन्होंने आगे कहा कि विटॉल उनका लंबे वक्त से व्यापारिक साझेदार है. उन्होंने बताया कि यह सौदा महीनों की बातचीत के बाद हुआ है, जो अप्रैल में शुरू हुई थी, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान से आयात पर 29% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी.
उसामा कुरैशी ने कहा कि अप्रैल में टैरिफ के ऐलान के बाद पाकिस्तान के वित्त और पेट्रोलियम मंत्रालयों ने स्थानीय रिफाइनरियों को अमेरिका से कच्चे तेल के आयात की संभावना तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया.
अमेरिका को लुभाने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान?
गुरुवार को, पाकिस्तान ने अपने प्रमुख निर्यात बाजार, अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते की सराहना की और कहा कि इस समझौते से निवेश बढ़ेगा. व्हाइट हाउस ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान से आयात पर 19% टैरिफ लगाएगा. चीन का एक प्रमुख सहयोगी, पाकिस्तान, ट्रंप द्वारा टैरिफ की धमकी के बाद से उन्हें लुभाने की कोशिश कर रहा है. उसने पड़ोसी मुल्क भारत के साथ हालिया दुश्मनी को खत्म करने के लिए अमेरिकी राजनयिक हस्तक्षेप को श्रेय दिया और ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया.

ईरान ने 66वें राउंड का हमला शुरू कर दिया है. ईरान ने मिसाइलों के जरिए इजरायल पर 66वें राउंड के हमले किए हैं. इधर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बहुत बड़ा दावा किया है .IRGC ने अमेरिकी सेना के एक F-35 लड़ाकू विमान पर हमले का दावा किया है और इसका वीडियो भी जारी किया है. दावे के मुताबिक अमेरिकी लड़ाकू विमान को काफी नुकसान पहुंचा है. देखें 9 बज गए

ईरान ने सोचा था कि वो सिर्फ अपने जज्बे और कुछ मिसाइलों और ड्रोन के भरोसे जंग जीत लेगा. इसी ओवर-कॉन्फिडेंस वो मात खाता जा रहा है, जब उसके एक के बाद एक बड़े नेता ताबूत में बंद होते दिखाई दे रहे हैं. ईरानी जज्बे का मुकाबला इजरायली इंटेलिजेंस यानी दुनिया के सबसे बड़े खुफिया नेटवर्क से है. वो नेटवर्क जो ईरानी नेताओं के बेडरूम तक घुसा हुआ है.

ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले को लेकर मचे घमासान के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कल मीडिया के सामने आकर युद्ध को लेकर कई बड़ी बातें कहीं नेतन्याहू ने ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका को घसीटने की फर्जी खबरों का खंडन किया. कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हमेशा वही निर्णय लेते हैं जो उन्हें अमेरिका के हित में लगता है. उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान इजरायल और अमेरिका के तालमेल की भी प्रशंसा की.










