
पाकिस्तान ने CAA और राम मंदिर का किया UN में जिक्र, भारत ने दिया करारा जवाब
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भारत ने UNGA में पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि देश का सभी पहलुओं में संदिग्ध ट्रैक रिकॉर्ड है. राजदूत कंबोज ने भारत की समृद्ध धार्मिक विविधता और शांति पर बांग्लादेश के प्रस्ताव के समर्थन पर भी बात की.
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत ने यूएनजीए में पाकिस्तान के राजदूत द्वारा भारत के आंतरिक मुद्दों पर की गई टिप्पणियों की निंदा की और कहा कि पाकिस्तान (Pakistan) का सभी पहलुओं में "सबसे संदिग्ध ट्रैक रिकॉर्ड" है. सभा में बोलते हुए भारत की स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत रुचिरा कंबोज (Ruchira Kamboj) ने कहा कि हम इस चुनौतीपूर्ण वक्त के बीच शांति कायम करने की कोशिश करते हैं, हमारा ध्यान रचनात्मक बातचीत पर रहता है. इस तरह हम एक निश्चित प्रतिनिधिमंडल की टिप्पणियों को दरकिनार करना चुनते हैं, जिनमें न केवल मर्यादा की कमी है, बल्कि उनकी विनाशकारी और हानिकारक रवैये के कारण हमारे सामूहिक प्रयासों में भी बाधा आती है.
भारतीय प्रतिनिधि ने आगे सवाल उठाते हुए कहा कि हम उस प्रतिनिधिमंडल को सम्मान और कूटनीति के केंद्रीय सिद्धांतों के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, जिन्हें हमेशा हमारी चर्चाओं का मार्गदर्शन करना चाहिए. क्या यह उस देश के पास पूछने के लिए ज्यादा चीजें हैं, जो अपने आप में सभी पहलुओं पर संदिग्ध ट्रैक रिकॉर्ड रखता है?
कंबोज का यह बयान संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के दूत मुनीर अकरम की 'शांति की संस्कृति' पर संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक को संबोधित करते हुए कश्मीर, नागरिकता (संशोधन) अधिनियम और अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ी भारत के खिलाफ कही गई बातों के बाद आया है.
अपने संबोधन के दौरान, संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि आतंकवाद, शांति की संस्कृति और सभी धर्मों की मूल शिक्षाओं के सीधे विरोध में है.
उन्होंने कहा कि यह कलह फैलाता है, दुश्मनी पैदा करता है और दुनिया भर में सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं आगे बढ़ाने वाले सम्मान और सद्भाव के मूल्यों को कमजोर करता है. सदस्य देशों के लिए शांति की सच्ची संस्कृति को बढ़ावा देने और दुनिया को एक एकजुट परिवार के रूप में देखने के लिए एक्टिव होकर मिलकर काम करना जरूरत है. जैसा कि मेरा देश इसमें सच्चा यकीन रखता है.
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ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

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युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.








