
एक साथ 4 जगह से उठता धुआं, ईरान ने जारी किया मिनाब गर्ल्स स्कूल पर मिसाइल हमले का Video
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ईरान ने मिनाब स्थित लड़कियों के स्कूल पर हुए कथित अमेरिकी मिसाइल हमले का CCTV वीडियो जारी कर दिया है. इस हमले में 180 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी,
ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने मिनाब शहर के एक गर्ल्स स्कूल पर हुए कथित अमेरिकी मिसाइल हमले का दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज जारी किया है. इस हमले में 180 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी. ईरान का दावा है कि अमेरिका ने जानबूझकर 'शजरे तय्यबे' स्कूल को निशाना बनाया.
ईरान की सरकारी प्रसारक संस्था Islamic Republic of Iran Broadcasting (IRIB) ने मंगलवार को स्कूल के अंदर और बाहर का CCTV फुटेज जारी किया, जिसमें हमले के बाद का भयावह मंजर साफ दिख रहा है.
वीडियो में स्कूल की इमारत के चार अलग-अलग हिस्सों से एक साथ घना काला धुआं उठता दिख रहा है. विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि स्कूल की छत और दीवारें पूरी तरह ढह गईं. चारों तरफ मलबा बिखरा हुआ है और आग की लपटें उठ रही हैं.
ईरान द्वारा जारी किए गए CCTV फुटेज में हमले के तुरंत बाद का खौफनाक मंजर दिखाई दे रहा है. वीडियो में स्कूल की इमारत के अलग-अलग हिस्सों से भारी धुआं उठता हुआ दिख रहा है जो हमले की तीव्रता को दिखाता है.
यहां देखें वीडियो
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, मिनाब के इस गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि मलबे और धुएं के बीच 180 से ज्यादा बच्चों ने अपनी जान गंवा दी. ईरान इस फुटेज के जरिए ये साबित करने की कोशिश कर रहा है कि नागरिक ठिकानों और विशेष रूप से शिक्षण संस्थानों पर हमले किए जा रहे हैं. हालांकि, इन दावों और वीडियो की सत्यता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी बहस छिड़ गई है.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.









